रायपुर, 11 नवम्बर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के कुख्यात नक्सली कमांडर *माड़वी हिड़मा* और *बारसे देवा* की माताओं का एक *भावुक वीडियो* सामने आया है, जिसमें दोनों अपने बेटों से *हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने* की अपील कर रही हैं। वीडियो में वे रोते हुए कह रही हैं बेटा अब लौट आओ, मां बुला रही है। नक्सली कमांडर *हिड़मा की मां माड़वी पुंजी* ने कहा, मैं उसे लौट आने कह रही हूं, लेकिन वह नहीं आ रहा है। अगर पास में होता, तो मैं इस जंगल में खुद उसे ढूंढने जाती। अब क्या कहूं, बेटा घर वापस आ जा, यहां मेहनत करोगे, कमाई करोगे और चैन से रहोगे। वहीं *बारसे देवा की मां बारसे सिंगे* ने कहा, मैंने उसे कहा था मत जाओ, लेकिन वह फिर भी चला गया। अब घर में हल चलाने वाला कोई नहीं है। अगर वह घर लौट आए, सरेंडर कर ले और यहीं रहकर मेहनत करे, तो यही बेहतर रहेगा। कई बार कहा है, बेटा घर लौट आओ। अगर पास में होता तो खुद उसे ढूंढ लेती, लेकिन अब मैं कहां खोजूं जानकारी के मुताबिक, हाल ही में *गृहमंत्री विजय शर्मा* की अगुवाई में शासन-प्रशासन की टीम *सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के ग्राम पंचायत चिमलीपेंटा* के आश्रित ग्राम *पुवर्ती* पहुंची थी — यही वह गांव है जहां दोनों बड़े नक्सली लीडर *माड़वी हिड़मा और बारसे देवा* के परिवार रहते हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा ने हिड़मा की मां माड़वी पुंजी और बारसे देवा की मां बारसे सिंगे से मुलाकात की और उनके साथ *भोजन भी किया।* उन्होंने दोनों परिवारों को भरोसा दिया कि अगर उनके बेटे आत्मसमर्पण करते हैं, तो सरकार उन्हें *पुनर्वास योजना के तहत हर संभव मदद* देगी। इस मौके पर *बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, **बस्तर आईजी सुंदरराज, **कलेक्टर सुकमा देवेश ध्रुव, **एसपी किरण चौहान* और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। गांव में यह दृश्य बेहद भावुक रहा — एक ओर माताएं अपने बेटों की वापसी की उम्मीद में आंखें नम किए बैठीं, तो दूसरी ओर सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया कि *मुख्यधारा में लौटने वालों का स्वागत किया जाएगा।
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