बिलासपुर, 11 नवम्बर (आरएनएस)। जिला पंचायत बिलासपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने विभाग की पारदर्शिता और अनुशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, *परियोजना अधिकारी वंदना गबेल का तबादला अक्टूबर 2024 में हो चुका है, लेकिन **पूरा एक वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक रिलीव नहीं किया गया। हैरानी की बात यह है कि रिलीव न होने के बावजूद हाल ही में उन्हें **प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)* का *अतिरिक्त प्रभार* भी सौंप दिया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, शासन स्तर से वंदना गबेल का ट्रांसफर आदेश जारी हुआ था, लेकिन *स्थानीय प्रशासन ने आदेश पर अमल नहीं किया। सूत्रों का यह भी कहना है कि कुछ **प्रभावशाली रसूख* के चलते यह आदेश ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसी बीच, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े *कई आवास मित्रों ने परियोजना अधिकारी पर मनमानी और उत्पीडऩ के आरोप* लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी की कार्यशैली के कारण *योजना का सही क्रियान्वयन प्रभावित* हो रहा है। कई पात्र हितग्राहियों को *समय पर स्वीकृति नहीं मिल पा रही*, जिससे उन्हें आवास निर्माण का लाभ लेने में दिक्कतें हो रही हैं। स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा, शासन तक पहुंचा मामला यह मामला अब *स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय* बन गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शासन ने अधिकारी का स्थानांतरण एक साल पहले ही कर दिया था, तो उन्हें अब तक रिलीव क्यों नहीं किया गया। यह स्थिति विभागीय अनुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सूत्रों के अनुसार, पूरा मामला अब *शासन स्तर पर भेजने की तैयारी* में है। संभावना है कि इस पर *उच्चस्तरीय जांच या कार्रवाई* जल्द शुरू हो सकती है। सीईओ ने दी सफाई इस मामले में जब *जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल* से बात की गई, तो उन्होंने कहा, वंदना गबेल का ट्रांसफर पिछले साल किया गया था, लेकिन विभाग में कार्यभार अधिक होने के कारण अब तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। हमने शासन को स्थानांतरण निरस्त करने के लिए पत्र भेजा है, जिसका जवाब अभी नहीं मिला है। सीईओ का यह बयान हालांकि औपचारिक सफाई के तौर पर सामने आया है, लेकिन यह सवाल भी उतना ही अहम है कि *क्या किसी अधिकारी को तबादले के बाद इतने लंबे समय तक पद पर बनाए रखना नियमों के अनुरूप है फिलहाल, यह पूरा मामला *जिला पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवालिया निशान* छोड़ गया है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि *शासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है।
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