0-सभी विभागों से मंगाए गए प्रस्ताव
0-विभागीय मंत्री, सचिव की अनुशंसा के बाद मुख्यमंत्री करेंगे फायनल
0-स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता
रायपुर, 12 नवंबर (आरएनएस)। राज्य में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट बनाने का कार्य वित्त विभाग ने शुरू कर दिया है। विभागों से प्रस्ताव मंगाए जा रहे हैं। इसके पश्चात विभागीय सचिव बैठक लेंगे। तत्पश्चात भार साधक मंत्रियों की बैठक लेकर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। वर्ष 2026-27 का बजट लगभग सवा लाख करोड़ से अधिक का बनाया जाएगा। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार वित्त विभाग ने चालू माह नवंबर में बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, इसके तहत यहां पर विभाग से प्रस्ताव मंगाए जा रहे हैं, सभी बड़ी परियोजनाओं एवं निर्मार्ण कार्यों का प्रस्ताव एवं सिंचाई विभाग से मंगाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग पुल-पुलिया, नक्सली क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता देेना है, वहीं सिंचाई विभाग द्वारा स्टाप डेम तथा बिलासपुर जिले के मनियारी नदी में बाढ़ को तवज्जों दी जा रही है। इस विभाग का बजट करीब 1000 करोड़ का बनाया जाएगा। इसमें इन्द्रावती, बोधघाट परियोजना तथा अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है। वन विभाग में तेन्दूपत्ता संग्रहण, संग्रहकों के बोनस में वृद्धि की जाएगी। वन आधारित वस्तुओं की एमआरपी बढ़ाए जाने का प्रस्ताव।
शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि को प्राथमिकता
नए बजट में शिक्षा को महत्व दिया जाएगा। राज्य में पीएम श्री स्कूल खोले जाएंगे। यहां पर शिक्षा विभाग तथा आदिम जाति विभाग के शालाओं के निर्माण शिक्षकों की कमी को दूर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़, महासमुंद, कांकेर तथा कोरबा जिले में मेडिकल कॉलेज को बेहतर सुविधा दी जाएगी तथा नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएगें। यहां प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा बढ़ाए जाएंगे तथा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। चिकित्सा विभाग में विषय-विशेषज्ञों तथा एनएएम प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की कमी है, जिसे दूर किया जाएगा। नक्सली उन्मूलन क्षेत्र में सरकार को सफलता मिल रही है, इसलिए नक्सली क्षेत्र में विकास को महत्व दिया जाएगा। आकांक्षी जिला योजना के तहत यहां पर विकास कार्य किए जाएंगे। इसके तहत नए प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।
डीएम फंड के लिए गाईडलाइन जारी
राज्य में आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास का बजट सबसे महत्वपूर्ण होता है, राज्य में 42 प्रतिशत जनसंख्या आदिवासियों की है। इसके लिए पोटा केबिन छात्रावृत्ति में वृद्धि की जाएगी। डीएम फंड से विकास कार्य किए जाएंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग में भी रेडी-टू-ईट को प्रोत्साहन दिया जाएगा। धान खरीदी के लिए करीब 50 करोड़ से अधिक की राशि निवेश की जाएगाी। राज्य में जीएसटी लागू होने के बाद करोत्तर राशि 67 प्रतिशत केन्द्र से मिलती है, जबकि राज्य से सिमित राशि आती है। इस समय आबकारी विभाग से आने वाले आय सिमित हो गई है। केन्द्र से जीएसटी के तहत एक बड़ी राशि मिल रही है। पंचायत विभाग में प्रधानमंत्री सड़क योजना, आवास योजना, नवा विहान, गरीबी उन्मूलन योजना का संचालन किया जा रहा है। वहीं स्थापना व्यय 40 प्रतिशत बढ़ गया है। अब नया राज्य में इसको लेकर सभी को नए सिरे प्रयास करना होगा। पिछले वर्ष 2024-25 की बजट का कुल स्वीकृत राशि खर्च नहीं हो पाई है, मूलत: बजट एक लाख करोड़ का था, इसमें केन्द्रांश की राशि को बढ़ाया जाएगा।
आर. शर्मा
००

