शहरी और ग्रामीण गोशालाओं के लिए अलग-अलग अधिकारी तय, लापरवाही पर होगी जवाबदेही तय
आजमगढ़ 12 नवम्बर(आर एन एस) जिलाधिकारी रविन्द्र ने बताया है कि जनपद की सरकारी गोशालाओं में आवश्यक व्यवस्था व रख-रखाव में कमी सम्बन्धी शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। राज्य सरकार, विशेषकर मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा सरकारी गोशालाओं में व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण करके पायी गयी कमियों को दूर करने हेतु बार-बार निर्देश दिया जाता रहा है।उक्त के आलोक में जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी (स्था0 नि0)/मुख्य राजस्व अधिकारी को निर्देशित किया है कि जनपद के नगर निकायों में स्थित सरकारी गोशालाओं का मासिक निरीक्षण सम्बन्धित तहसील के उप जिलाधिकारी (न्यायिक) द्वारा एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सरकारी गोशालाओं का मासिक निरीक्षण सम्बन्धित विकास खण्ड के खण्ड विकास अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया जायेगा और पायी गयी कमियों के बारे में खुद की उपस्थिति में लिए हुए फोटो सहित आख्या डाक के माध्यम से भेजने के साथ-साथ नगरीय क्षेत्र के लिए प्रभारी अधिकारी, स्थानीय निकाय को एवं ग्रामीण क्षेत्र के लिए मुख्य विकास अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से मिलकर या उनके व्हाट्सएप नम्बर पर भेजे जायेंगे।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभारी अधिकारी, स्थानीय निकाय व मुख्य विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत स्थित सरकारी गोशालाओं की सूची सम्बन्धित उप जिलाधिकारी (न्यायिक) व सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी को उपलब्ध कराते हुए मासिक निरीक्षण के सम्बन्ध में सम्बन्धित उप जिलाधिकारी (न्यायिक) एवं सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी से अनुश्रवण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि मासिक निरीक्षण प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह या विलम्बतम् दूसरे सप्ताह में कर लिया जाय।उन्होंने कहा कि प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय एवं मुख्य विकास अधिकारी, सम्बन्धित उप जिलाधिकारी (न्यायिक) खण्ड विकास अधिकारी द्वारा पायी गयी कमियों का निराकरण अपने स्तर से तीसरे सप्ताह में सुनिश्वित करेंगे और यदि उनके स्तर से समाधान नहीं होता है तो विलम्बतम् चौथे सप्ताह में व्यक्तिगत रूप से अवगत कराते हुए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार निराकरण करेंगे।जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसी शहरी क्षेत्र में पडऩे वाले सरकारी गोशाला के सम्बन्ध में अधिशासी अधिकारी द्वारा और ग्रामीण क्षेत्र में पडऩे वाले गोशाला के सम्बन्ध में सचिव व प्रधान की लापरवाही पायी जाती है तो उनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी को समय-समय पर अवगत कराते रहेंगे।उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी सरकारी गोशाला के सम्बन्ध में कोई शिकायत आती है या किसी तरह की कमियां पायी जाती हैं तो शहरी क्षेत्र के लिए प्रभारी अधिकारी, स्थानीय निकाय व ग्रामीण क्षेत्र के लिए मुख्य विकास अधिकारी जिम्मेदार होंगे।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कि माह नवम्बर, 2025 में गोशाला का निरीक्षण अधिकतम् एक सप्ताह यानी 18 नवंबर 2025 तक अवश्य कराकर उसमें पायी गयी कमियों का निराकरण कराते हुए अधिकतम् 20 नवंबर 2025 तक निरीक्षण आख्या जिलाधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत करेंगे।
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