रायपुर,28 मई (आरएनएस)। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने विदेशों और दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए विशेष स्क्रीनिंग काउंटर शुरू कर दिया है। एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले हर मुसाफिर पर नजर रखी जा रही है और स्क्रीनिंग मशीन के जरिए स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह पूरी तैयारी एहतियात के तौर पर की जा रही है। फिलहाल छत्तीसगढ़ या देश में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। एयरपोर्ट पर 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है और इसके लिए एक नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की गई है।
सूत्रों के मुताबिक, यदि किसी यात्री में इबोला के लक्षण दिखाई देते हैं या संदिग्ध स्थिति बनती है, तो उसे तुरंत आइसोलेशन वार्ड में भेजने की व्यवस्था की गई है। नया रायपुर और माना क्षेत्र के अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
दरअसल, अफ्रीकी देशों कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) ने इसे अंतरराष्ट्रीय आपात स्थिति घोषित किया है। इसके बाद भारत सहित कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा है कि फिलहाल भारत में घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
डॉक्टरों के मुताबिक इबोला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस है, जो संक्रमित व्यक्ति या जानवर के खून और शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। इसके लक्षण 2 से 21 दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं।
इबोला के प्रमुख लक्षण
अचानक तेज बुखार आना
शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस होना
सिर और मांसपेशियों में तेज दर्द
उल्टी और दस्त
गंभीर स्थिति में शरीर से खून आना
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। एयरपोर्ट और अस्पतालों में निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।
०


