दुर्ग, 21 जून (आरएनएस)। स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दुर्ग यातायात पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से स्कूल बस जांच शिविर आयोजित किया। पुलिस ग्राउंड सेक्टर-6 भिलाई में आयोजित इस विशेष अभियान के दौरान 4 शैक्षणिक संस्थानों की 51 स्कूल बसों की जांच की गई, जिसमें सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 5 बसों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान बसों के पंजीयन, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, रोड टैक्स और चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की गई। साथ ही हेडलाइट, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर, टायर, स्टीयरिंग, हॉर्न, वाइपर, सीट व्यवस्था और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, स्कूल का नाम और संपर्क नंबर जैसी अनिवार्य सुरक्षा सुविधाओं की भी जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान 5 स्कूल बसों में आवश्यक सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों में खामियां मिलने पर मोटरयान अधिनियम के तहत चालान किया गया। संबंधित स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों को कमियां दूर करने के बाद ही बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए।
शिविर के दौरान स्कूल बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया। जांच में 13 चालकों में उच्च रक्तचाप (बीपी) और शुगर संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं पाई गईं, जिन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
दुर्ग पुलिस ने सभी स्कूल प्रबंधन, वाहन संचालकों और चालकों से अपील की है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी स्कूल बसों का संचालन निर्धारित सुरक्षा मानकों और वैधानिक नियमों के अनुरूप ही किया जाए तथा समय-समय पर वाहनों की तकनीकी और दस्तावेजीय जांच कराई जाए।
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