सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आत्मानंद स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर, साइबर सुरक्षा और नशामुक्ति पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण
सारंगढ़, 30 जून (आरएनएस )सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर सारंगढ़ पुलिस ने कानून को किताबों तक सीमित रखने के बजाय सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचाने की पहल की। जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मंगलवार को आत्मानंद स्कूल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों को देश के नए आपराधिक कानूनों, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव और नशामुक्ति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
थाना प्रभारी प्रमोद यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की नई आपराधिक न्याय व्यवस्था केवल अपराधियों को दंडित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित और प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की सोच पर आधारित है। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के लागू होने से न्याय प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हुई है।
उन्होंने छात्रों को बताया कि अब ई-एफआईआर की सुविधा के माध्यम से कई मामलों में नागरिक बिना थाने पहुंचे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। वहीं जीरो एफआईआर की व्यवस्था के तहत किसी भी थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है, चाहे घटना किसी अन्य थाना क्षेत्र की ही क्यों न हो। इसके बाद संबंधित थाने को मामला स्थानांतरित कर दिया जाता है।
कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों पर भी विशेष चर्चा की गई। प्रशिक्षु महिला उप निरीक्षक चंचल सोनवानी ने बताया कि नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है तथा पीड़िता के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग जैसी पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के अभिव्यक्ति ऐप की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें उपलब्ध एसओएस फीचर के माध्यम से संकट की स्थिति में पुलिस को तत्काल अलर्ट, लाइव लोकेशन और वीडियो प्राप्त हो जाता है।
उन्होंने छात्राओं को बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 1091 महिला हेल्पलाइन तथा 112 आपातकालीन सेवा पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही महिला हिंसा एवं उत्पीड़न के मामलों में पुलिस तत्काल एफआईआर दर्ज करती है। महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सलाह, पुलिस सहायता और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के लिए सखी सेंटर तथा घरेलू विवादों के समाधान और काउंसिलिंग के लिए महिला परामर्श केंद्र की सुविधाओं की भी जानकारी दी गई।
बढ़ते डिजिटल युग में साइबर अपराधों को गंभीर चुनौती बताते हुए पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी शेयर करने के खतरे, फर्जी लॉटरी, सोशल मीडिया ठगी और डिजिटल सुरक्षा के व्यावहारिक उपाय समझाए। छात्रों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और साइबर अपराध होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
कार्यक्रम के दौरान समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता व्यक्त की गई। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जागरूकता कार्यक्रम में थाना प्रभारी प्रमोद यादव, प्रशिक्षु महिला उप निरीक्षक चंचल सोनवानी, आरक्षक पुरुषोत्तम राठौर, आत्मानंद स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नए कानूनों का पालन करने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।







