सारंगढ़-बिलाईगढ़ 4 जुलाई (आरएनएस) जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में NDPS अधिनियम, धारा 173(8) दप्रसं और धारा 193(3) बीएनएसएस के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निराकरण और मादक पदार्थों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स), जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिए कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने, वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करने और न्यायालय में लंबित मामलों की केस डायरी समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
समीक्षा के दौरान CCTNS और ICJS जैसी तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड खंगालकर उनके नेटवर्क की गहन जांच करें। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट और धारा 173(8) दप्रसं तथा 193(3) बीएनएसएस के तहत लंबित सभी मामलों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय करते हुए पूरक जांच रिपोर्ट बिना विलंब न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निमिषा पाण्डेय, एसडीओपी स्नेहिल साहू, डीएसपी मुख्यालय संतोषी ग्रेस, ANTF की टीम सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और विवेचक मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
फिलहाल, पुलिस का फोकस लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण और नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को कानून के दायरे में लाना है। अधिकारियों का मानना है कि सशक्त जांच और समय पर न्यायालयीन कार्रवाई से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।







