Author: tarun sardar

नए लेबर कोड सुश्री वीनू जयचंद भारत आज़ादी के बाद होने वाले सबसे बड़े श्रम सुधारों में से एक के करीब है। चार नई श्रम संहिताएं- वेतन संहिता (वेज़ कोड), इंडस्ट्रियल रिलेशन्स कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड और ऑक्युपेशनल सेफ़्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड- अब लागू हो चुके हैं। इन संहिताओं का उद्देश्य पुराने और जटिल 29 केंद्रीय मज़दूरी क़ानूनों की जगह एक सरल, तकनीक-आधारित और मज़दूर-केंद्रित व्यवस्था स्थापित करना है। यह सुधार सिफऱ् प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि एक बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन है, जो यह दिखाता है कि भारत एक न्यायपूर्ण, प्रतिस्पर्धी, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप…

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अन्नपूर्णा देवी एक ऐसे देश में जहाँ महिलाएँ और बच्चे एक अरब से ज़्यादा जीवनों का आधार हैं, उनका सशक्तिकरण महज़ एक नीतिगत विकल्प नहीं है, बल्कि यह भारत की नियति का मार्ग है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी शासन में, भारत एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजऱ रहा है, जो वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को मानव-केंद्रित प्रगति के साथ जोड़ रहा है। नए भारत की कहानी केवल आर्थिक उपलब्धियों और बढ़ते वैश्विक कद में ही नहीं, बल्कि उन कक्षाओं में भी आकार ले रही है, जहाँ युवा मन विकसित होते हैं, उन आंगनवाड़ी केंद्रों में जहाँ हमारे बच्चों का…

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अपेक्षित यह है कि सरकार खाड़ी, पश्चिम एशिया और रूस जैसे स्रोतों से एलपीजी की खरीदारी पर आने वाली लागत और अमेरिका से खरीदारी पर आने वाले खर्च का तुलनात्मक विवरण सार्वजनिक करे। देशवासियों को यह जानने का हक है। अमेरिका से 22 लाख टन रसोई गैस खरीदने के लिए हुए सौदे को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने ‘ऐतिहासिकÓ करार बताया और कहा कि देश की जनता को ‘किफायतीÓ दर पर सप्लाई करने के मकसद से एलपीजी खरीदारी का एक नया स्रोत हासिल किया गया है। स्पष्टत: उन्होंने इसे नरेंद्र मोदी सरकार की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश…

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