लखनऊ 14 नवंबर (आरएनएस )। राज्य सरकार द्वारा एक परिवार, एक पहचान के अंतर्गत लागू की गई फैमिली आईडी प्रणाली अब सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की डिलीवरी में अहम भूमिका निभाने जा रही है। फैमिली आईडी के माध्यम से परिवार के सभी सदस्यों का आधार-प्रमाणीकृत विवरण, आय, जाति सहित अन्य सूचनाएँ एकीकृत की जा रही हैं, जिससे पात्र व्यक्तियों का समय पर चिन्हीकरण हो सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ स्वत: प्राप्त हो।शुक्रवार को कैबिनेट बैठक के बाद समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि फैमिली आईडी सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को दीर्घकालिक दिशा देने वाला बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इससे लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया न सिर्फ तेज होगी बल्कि पारदर्शिता और दक्षता भी बढ़ेगी।राज्य में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को प्रति माह 1000 रुपये की पेंशन दी जा रही है। वर्तमान में 67.50 लाख वरिष्ठजन इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।अब वृद्धावस्था पेंशन योजना को भी फैमिली आईडी प्रणाली से जोड़ा जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसे नागरिकों को स्वत: चिन्हित किया जाएगा, जिनकी आयु अगले 90 दिनों में 60 वर्ष पूरी होने वाली है। उनका विवरण समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपडेट होगा, जिससे समय से पेंशन स्वीकृत की जा सके इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिक अब अपना जैविक प्रमाणपत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) भी संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से जमा कर सकेंगे।स्वचालित चिन्हीकरण और ऑनलाइन सहमति प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना अधिकारी द्वारा पात्रता की पुष्टि करते हुए 15 दिनों के भीतर डिजिटल हस्ताक्षर से पेंशन स्वीकृत की जाएगी। स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक द्वारा भेजा जाएगा और भुगतान सीधे वरिष्ठजन के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा होगा।सरकार का मानना है कि फैमिली आईडी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी, पात्र वरिष्ठजनों को किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से हर जरूरतमंद तक पहुँच सकेगा।
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