लखनऊ 14 नवंबर (आरएनएस )। रबी 2025–26 सीजऩ की तैयारियों को सुदृढ़ रखने के लिए प्रदेश सरकार ने बीज और उर्वरक की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को समय से गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट मिलें और बुवाई के दौरान कोई बाधा न आए। इसी उद्देश्य से इस वर्ष बीज वितरण का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया गया है।रबी 2024–25 में जहाँ 7.86 लाख क्विंटल बीज अनुदान पर वितरित किया गया था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 11.12 लाख क्विंटल का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। गेहूँ, जौ, चना, मटर, मसूर, तोरिया, सरसों/राई और अलसी जैसी सभी प्रमुख फसलों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। सरकार के अनुसार अभी तक 81 प्रतिशत बीज उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है तथा 69 प्रतिशत बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सेक्टर में 92,518 मिनीकिट का लक्ष्य रखा गया था, जो पूर्ण रूप से उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 76,258 मिनीकिट का वितरण भी पूरा हो चुका है। केंद्र सेक्टर से मिली 2,26,400 मिनीकिटों के लक्ष्य के विरुद्ध 1,14,697 मिनीकिट की आपूर्ति की गई है। तिलहनी फसलों के तहत सरसों/राई के 4.96 लाख मिनीकिटों के लक्ष्य के सापेक्ष 4.92 लाख मिनीकिट उपलब्ध हैं, जिनमें से 3.94 लाख मिनीकिट किसानों तक पहुँचाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स के तहत गन्ने के साथ अंत:फसली खेती और क्लस्टर प्रदर्शन के लिए 5,700 क्विंटल सरसों का बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।उर्वरक की उपलब्धता की स्थिति भी पूरी तरह संतोषजनक है। 1 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 के बीच प्रदेश में 17.41 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 10 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 7.56 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 4.09 लाख मीट्रिक टन एसएसपी और 1.51 लाख मीट्रिक टन एमओपी उपलब्ध रहा। इसी अवधि में लाखों किसानों को इन उर्वरकों का वितरण किया गया। 14 नवंबर 2025 तक प्रदेश में 12.59 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.76 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 3.94 लाख मीट्रिक टन एनपीके सहित अन्य उर्वरक सुरक्षित स्टॉक में मौजूद हैं। सहकारिता सेक्टर और निजी विक्रय केंद्रों दोनों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है।अक्टूबर माह में 2.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.70 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 2.02 लाख मीट्रिक टन एनपीके की बिक्री हुई, जबकि 1 से 13 नवंबर तक 1.02 करोड़ किसानों ने पीओएस मशीनों के माध्यम से 16.82 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की खरीद की, जिससे बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी को मजबूती मिली है।जमाखोरी, कालाबाजारी और ओवररेटिंग पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। अब तक 27,315 छापे मारे गए, 5,291 नमूने जांच को भेजे गए, 1,005 लाइसेंस निलंबित और 1,314 निरस्त किए गए हैं। फुटकर और थोक विक्रेताओं पर 2,000 से अधिक दंडात्मक कार्रवाई की गई है। 62 दुकानों को सील किया गया तथा 192 एफआईआर दर्ज कर कठोर दंड सुनिश्चित किया गया है।प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। रबी सीजऩ के दौरान निर्बाध आपूर्ति, पारदर्शिता तथा कृषि इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिलों और मंडलों में सभी कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का हर किसान समय पर आवश्यक सामग्री प्राप्त करे और उनकी फसल उत्पादन क्षमता को अधिकतम समर्थन मिले।
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