प्रयागराज 14 नवंबर (आरएनएस)। ऑक्टा अध्यक्ष प्रो एस पी सिंह के नेतृत्व में ईसीसी के शिक्षकों ने ईसीसी के शिक्षकों की रुकी हुई पदोन्नति के संदर्भ में डीन, कॉलेज डेवलेपमेंट प्रो नरेन्द्र कुमार शुक्ला को ज्ञापन दिया। इस संदर्भ में एक पत्र पहले ही आक्टा 10 नवंबर को कुलपति को भेज चुका है।
ईसीसी के लगभग 40 असिस्टेंट प्रोफेसर शिक्षकों की एकेडमिक लेवल 10 से एकेडमिक लेवल 11 में पदोन्नति के अनुमोदन की फाइल लगभग एक वर्ष से अधिक समय से विश्वविद्यालय में माननीय कुलपति के अनुमोदन हेतु पड़ी हुई है। जबकि पूरी प्रक्रिया में लगातार विलम्ब के कारण उक्त सभी शिक्षकों का एकेडमिक लेवल 11 से एकेडमिक लेवल 12 में भी पदोन्नति की अर्हता पूरी होने को है! ईसीसी के तीन विषयों गणित, भौतिक विज्ञान और शिक्षा शास्त्र के तीन शिक्षकों का एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के लिए विषय विशेषज्ञों को संस्तुत करने की फ़ाइल एक वर्ष से अधिक समय से लंबित है। उन सभी तीन शिक्षकों का एसोसिएट प्रोफेसर पद पर करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत पदोन्नति मैं 7 से 8 वर्षों का विलंब हो चुका है। विश्वविद्यालय ईसीसी के साथ लगातार भेदभाव कर रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह सभी शिक्षकों को हतोत्साहित करने वाली और आर्थिक रूप से चोट पहुंचाने वाली बात है! ईसीसी में शिक्षकों की भर्ती भी रुकी हुई है, जबकि शिक्षकों के लगभग 50त्न पद रिक्त हो चुके हैं। सभी शिक्षकों ने इस मुद्दे पर क्षोभ और आश्चर्य व्यक्त किया है। विश्वविद्यालय की लगातार उपेक्षा के कारण शिक्षक हताश, निराश और आक्रोशित हैं।
ऑक्टा अध्यक्ष डॉ एसपी सिंह ने कहा कि ऑक्टा लगातार इन मुद्दों को उठती रही है परंतु अभी तक इस पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।शिक्षकों के कार्य में विलंब होना अत्यंत दुखद है। शिक्षकों की इन समस्याओं का अति शीघ्र निस्तारण किया जाए नहीं तो ऑक्टा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। प्रतिनिधिमंडल में डॉ प्रेम प्रकाश सिंह, डॉअरुणोय मिश्रा,डॉ उमेश कुमार यादव, डॉ प्रशांत खंडई सहित अनेक शिक्षक सम्मिलित थे।
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