मेरठ,15 नवंबर (आरएनएस)। ओलिंपिक का आयोजन 2036 में भारत में कराने की तैयारी चल रही। आयोजन स्थल संभवतया नई दिल्ली रहेगा, इसलिए इसमें मेरठ की विशेष भूमिका रखने की तैयारी भारत सरकार के स्तर से तेजी से चल रही है। मेरठ को खिलाड़ी व खेल उत्पाद का हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी लक्ष्य को लेकर शुक्रवार को होटल अशोका में भारत का माडल स्पोर्ट्स हब-स्पोर्टएज मेरठ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने स्पोर्टएज मेरठ (विकास एवं उत्कृष्टता के लिए खेल एवं उद्यमिता विकास) के अंतर्गत मेरठ स्पोर्ट्स हब विकास माडल की घोषणा की। यह आयोजन कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, एसपीईएफएल कौशल परिषद और ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट की की ओर से आयोजन किया गया। स्पोर्टएज (विकास और उत्कृष्टता के लिए खेल और उद्यमिता विकास) मेरठ की आजीविका को बढ़ावा देगा, महिला उद्यमियों को सशक्त बनाएगा और युवा खेल प्रतिभाओं को पोषित करेगा।
मिशन ओलिंपिक को देखते हुए मेरठ को खिलाड़ी व खेल उत्पाद का हब बनाना है, इसके लिए खेल उद्योग के कर्मचारियों का कौशल प्रशिक्षण होगा वहीं खिलाडिय़ों व कोच का भी प्रशिक्षण होगा। ग्रामीण स्तर पर अत्याधुनिक स्टेडियम बनाए जाएंगे। कार्यशाला में सरकार, उद्योग, वित्त और विकास सेक्टरों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
जयंत आएंगे 29 को : चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित कौशल विकास केंद्र का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह 29 नवंबर को करेंगे। यहां पर महिलाओं द्वारा संचालित कौशल विकास केंद्र में बैडमिंटन, शटल काक का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह केंद्र उद्यमिता विकास मंत्रालय की ओर से स्थापित किया गया है। इसी दिन केंद्रीय मंत्री खेल उत्पाद उद्यमियों, खेल क्षेत्र के प्रमुख जानकारों, खिलाड़ी, कोच आदि से भेंट करेंगे।
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