विकासनगर,15 नवंबर (आरएनएस)। जौनसार बावर के शिक्षण संस्थानों में शनिवार को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। छात्र-छात्राओं ने शोभा यात्रा निकालकर जनजातीय संस्कृति की झलक पेश करने के साथ ही कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान सभी छात्र-छात्राएं और शिक्षक परंपरागत जनजातीय वेशभूषा में नजर आए। राजकीय इंटर कॉलेज बिनसौन में शोभा यात्रा को प्रधानाचार्य भारती प्रकाश ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के साथ चल रही प्रधानाचार्य ने बच्चों और आम लोगों को बताया कि बिरसा मुंडा का जीवन सम्मान, समानता और स्वाभिमान के लिए जनजागरण का प्रेरणास्रोत है। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का यह 150वां जयंती वर्ष है। उनकी जयंती जनजाति गौरव दिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के योगदान को सम्मानित करने और उनकी विरासत को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। प्रधानाचार्य भारती ने बताया कि बिरसा मुंडा महान स्वतंत्रता सेनानी और जनजातीय नेता थे, जिन्होंने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया और जनजातीय समाज के अधिकारों, आस्थाओं, परंपराओं की रक्षा के लिए काम किया। उनका संघर्ष केवल अंग्रेजों के खिलाफ नहीं था। बल्कि वह जनजातीय समाज के अस्मिता का संघर्ष भी था। उन्होंने जनजातीय समाज को उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को बचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को अपनी संस्कृति, रीति रिवाज, खान पान और परंपराओं से जुड़े रहने की सलाह दी। इस दौरान विनीता डुंगरियाल, यशपाल नेगी, मीरा चौहान, गीता चौहान, नीतू तोमर, प्रीतम सिंह आदि मौजूद रहे। —- सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बिरसा मुंडा के संघर्ष को बताया कालसी। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कालसी में जनजातीय गौरव दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं ने बिरसा मुंडा के जीवन और संघर्ष से जुड़े पहलुओं का प्रदर्शन किया। राजकीय इंटर कॉलेज कालसी में छात्र-छात्राओं ने रैली निकाली। राइंका साहिया, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज साहिया में भी जनजातीय गौरव दिवस पर भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया गया।
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