विकासनगर,15 नवंबर (आरएनएस)। पछुवादून में आपदाओं से निपटने में आपातकालीन सेवाओं और सरकारी एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करने के लिए शनिवार को मॉकड्रिल का आयोजन किया। यह अभ्यास सेलाकुई की औद्योगिक इकाई और कालसी के एक शिक्षण संस्थान समेत एक गांव में एक साथ किया गया, जिसमें कई एजेंसियों ने हिस्सा लिया। मॉकड्रिल की शुरुआत एक नकली भूकंप की स्थिति बनाकर की गई। इसके बाद औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में रासायनिक रिसाव के परिदृश्य को शामिल किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय की तैयारियों को जांचना था। इस दौरान अग्निशमन सेवा, पुलिस और राजस्व विभाग सहित विभिन्न एजेंसियों के बड़ी संख्या में कर्मियों ने भाग लिया। सेलाकुई में एक औद्योगिक इकाई में रासायनिक रिसाव की सूचना मिलते ही पूरे शहर में सायरन बजने लगे। एनडीआरएफ समेत स्थानीय प्रशासन, अग्निमशमन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। संयुक्त राहत एवं बचाव कार्य के दौरान औद्योगिक इकाई के अंदर फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला गया जिनमें से दो लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि, तीन लोगों का घटना स्थल पर प्राथमिक उपचार किया गया। कालसी को कोरुवा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में भूकंप से भारी नुकसान की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे आपदा प्रबंधन तंत्र ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। क्षतिग्रस्त हो चुके विद्यालय भवन के अंदर फंसी छात्राओं को बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ और पुलिस के जवान भवन के अंदर घुसे जहां से 22 छात्राओं को रेस्क्यू किया गया। इनमें दस छात्राओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें एंबुलेंस से सीएचसी साहिया में भर्ती कराया गया। जबकि, अन्य छात्राओं को अलग-अलग वाहनों से राहत शिविर में पहुंचाया गया। पाटा गांव में भी भूकंप से कई मकानों में दरारें आने और संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने पर राहत टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान विकासनगर के एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार विवेक राजौरी, कालसी के एसडीएम प्रेमलाल, सीओ भाष्कर लाल साह आदि मौजूद रहे।
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