विकासनगर,15 नवंबर (आरएनएस)। वकीलों की हड़ताल का असर शनिवार को पछुवादून में भी दिखाई दिया। चैंबर बनाने के लिए जगह की मांग कर रहे देहरादून बार एसोसिएशन को समर्थन देते हुए वकीलों ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का आवाह्न किया था। आवाह्न के बाद पछुवादून के वकीलों ने पूरी तरह से कार्य का बहिष्कार कर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। हड़ताल से आम जनता को कई परेशानियां झेलनी पड़ीं। वकीलों की हड़ताल के कारण अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ढकरानी समेत एसडीएम कोर्ट और तहसीलदार कोर्ट में वाद के सिलसिले में पहुंचे वादी दिनभर परेशान रहे। भाऊवाला से आए रमेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि उनकी जमीन संबंधी मामले में शनिवार दोपहर दो बजे एसडीएम कोर्ट में सुनवाई थी, लेकिन तहसील में आकर पता चला कि वकीलों की हड़ताल है।
ढकरानी कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचे वादी भी दिन भर परेशान रहे। वादी सुनवाई के लिए नियम समय पर कोर्ट पहुंचे, लेकिन हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो पाई। सिविल मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कांडपाल, बबीता शर्मा ने बताया कि ढकरानी कोर्ट में प्रतिदिन 40 से अधिक वादों की सुनवाई होती है। बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश शर्मा ने बताया कि वकीलों की समस्याओं से जुड़ी मांगों पर प्रदेश सरकार कार्यवाही नहीं कर रही है। बीते छह दिनो से देहरादून बार एसोसिएशन की हड़ताल के बावजूद सरकार का कोई भी नुमाइंदा वकीलों की समस्या सुनने नहीं पहुंचा है। कहा कि, सरकार वकीलों की अनदेखी कर रही है, जिससे उनमें आक्रोश है। जल्द उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता है, तो बड़े स्तर पर कार्य बहिष्कार किया जा सकता है। प्रदर्शन करने वालों में पवन सिंह नेगी, राजेश वर्मा, नरेश चौहान, अमित अग्रवाल, विपिन लखरवाल, राहुल ठाकुर, सोमेंद्र सैनी आदि शामिल रहे।
सरकार को हुआ राजस्व का घाटा : हड़ताल के कारण सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी कामकाज ठप रहा। जमीन की रजिस्ट्री कराने चमोली जिले के नागनाथ-पोखरी से पहुंचे देवेंद्र चौधरी, पौड़ी के पाबौ ब्लॉक से आए प्रवीण नेगी ने बताया कि उन्होंने सेलाकुई के भाऊवाला में जमीन ले रखी है, जिसकी शनिवार को रजिस्ट्री होनी है। रजिस्ट्री कराने के लिए दोनो लोग शुक्रवार शाम को पहुंच गए थे, लेकिन वकीलों की हड़ताल होने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पाई, जबकि कल रविवार के साप्ताहिक अवकाश पर कार्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में सोमवार को ही रजिस्ट्री होगी, जिसके लिए उन्हें तीन दिनो तक होटल में रहना पड़ेगा। जमीन संबंधी मामलों के अधिवक्ता राकेश शर्मा ने बताया कि विकासनगर के दोनों सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में प्रति दिन 120 रजिस्ट्री होती हैं। जाहिर है शनिवार को रजिस्ट्री नहीं होने से सरकार को भी करोड़ों के राजस्व का घाटा हुआ।
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