भोपाल,15 नवंबर (आरएनएस)।मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं मनोज कुमार श्रीवास्तव प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भोपाल के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल द्वारा विभिन्न समुदायों के सामाजिक व्यक्तियों के लिए 20 घण्टे के तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। शुभारंभ शनिवार को प्रधान जिला न्यायालय भोपाल के सभाकक्ष में किया गया।
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डॉ. मोहम्मद शमीम सेवा निवृत्त प्रधान जिला न्यायाधीश, मास्टर ट्रेनर भावना साधो, सेवा निवृत्त, प्रधान जिला न्यायाधीश, राजर्षि श्रीवास्तव, विशेष न्यायाधीश अनु.जा./अनु.जन.जा. भोपाल, अग्नीन्ध कुमार द्विवेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, भोपाल, सुनीत अग्रवाल, न्यायाधीश/सचिव, जिविसेप्रा भोपाल एवं अन्य न्यायाधीशगण एवं प्रशिक्षणार्थीगण उपस्थित रहे।
शुभारंभ के अवसर पर मास्टर ट्रेनर डॉ. मोहम्मद शमीम द्वारा मध्यस्थता के लाभ बताए गए तथा उनके द्वारा संपन्न करवाए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं प्रयासों की जानकारी वीडियो क्लिप के माध्यम से दी गई।
सुनीत अग्रवाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भोपाल भोपाल द्वारा बताया गया कि कार्यकम मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है जिसमें विभिन्न समुदाय के सामाजिक व्यक्तियों/प्रशिक्षणार्थीगण को तीन दिनों में कुल 20 घण्टे का मध्यस्थता के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके पश्चात वह उनके समुदाय के व्यक्तियों के मध्य उत्पन्न होने वाले मुकदमा पूर्व विवाद जैसे कि पारिवारिक विवाद, सिविल विवाद, समझौता योग्य आपराधिक विवाद, चैक अनादरण संबंधी विवाद, भू-राजस्व संहिता के अंतर्गत उत्पन्न विवाद इत्यादि का मध्यस्थता के माध्यम से निराकरण करा सकेंगे।

