लखनऊ 19 नवंबर (आरएनएस )। महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और जागरूकता को मजबूत आधार देने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत व्यापक स्तर पर जनसंपर्क और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना जानकीपुरम पुलिस द्वारा सिटी पब्लिक स्कूल, 60 फीट रोड, जानकीपुरम में एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय की करीब 50 से 60 छात्राओं और अध्यापकगण ने भाग लिया। यह कार्यक्रम महिला सुरक्षा, साइबर जागरूकता और व्यक्तिगत अधिकारों के प्रति छात्राओं को संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन महिला उपनिरीक्षक संजू मिश्रा और महिला आरक्षी प्रियंका कुमारी ने किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या दीप्ति गुप्ता के सहयोग से शुरू हुए इस जागरूकता सत्र में छात्राओं को उनके व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारों, गुड टच-बैड टच की समझ, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव तथा ऑनलाइन जोखिमों से निपटने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान छात्राओं को 1090 महिला पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा तथा 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की भी जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।मिशन शक्ति 5.0 लखनऊ पुलिस की एक अत्यंत व्यापक और सुव्यवस्थित पहल है, जिसका उद्देश्य न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, बल्कि उन्हें सामाजिक, कानूनी और डिजिटल चुनौतियों के प्रति जागरूक बनाना भी है। पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में कमिश्नरेट क्षेत्र के सभी 54 थानों में मिशन शक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रशिक्षित निरीक्षक, उपनिरीक्षक और महिला उपनिरीक्षक तैनात हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य महिलाओं की शिकायतों का त्वरित समाधान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को यह भी बताया कि मिशन शक्ति केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं है, बल्कि सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण के सिद्धांत पर आधारित एक सामाजिक परिवर्तनकारी मिशन है। इसके अंतर्गत महिलाओं को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी सुरक्षा प्रावधानों के प्रति शिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, छात्राओं को आत्मविश्वासी, सजग और स्वावलंबी नागरिक के रूप में तैयार करने हेतु विभिन्न विद्यालयों में नियमित रूप से सेमिनार, कार्यशालाएँ और संवाद सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।कार्यक्रम का माहौल आत्मीय और प्रेरणादायक रहा। छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए न केवल सवाल पूछे, बल्कि अपने अनुभव और सपने भी साझा किए। इससे यह साफ झलकता है कि विद्यालय परिसर में पुलिस और शिक्षकों की साझेदारी ने एक सुरक्षित, भरोसेमंद और संवादात्मक वातावरण तैयार किया है, जहाँ छात्राएँ निर्भीक होकर अपनी बात रख पा रही हैं।
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