कोंडागांव,20 अप्रैल (आरएनएस)। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार 24 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना द्वारा सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर ग्राम सभा के आयोजन हेतु निर्देशित किया गया है। निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन हेतु पूर्व से समय-सारिणी तैयार कर कोटवारों के माध्यम से मुनादी एवं प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ग्राम सभा में जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा। ग्राम सभाओं में विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें ग्राम संवाद के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के उप मुख्यमंत्री का संदेश प्रसारित किया जाएगा। साथ ही ग्राम संपदा ऐप में परिसंपत्तियों के अपलोड, आत्मनिर्भर ग्राम पंचायत के संकल्प, कर आरोपण एवं वसूली की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ग्राम के ऐसे व्यक्ति जैसे कलाकार, नर्तक, खिलाड़ी या अन्य विधा में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त किया है और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। स्व-सहायता समूह की लखपति दीदियों का सम्मान किया जाएगा और बस्तर मुन्ने कार्यक्रम पर भी चर्चा की जाएगी। पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स स्कोर कार्ड का प्रदर्शन भी किया जाएगा।ग्राम को स्वच्छ बनाए रखने हेतु संकल्प पारित किया जाएगा और सार्वजनिक एवं शासकीय भवनों में साफ सफाई की जाएगी। सामुदायिक संसाधनों के संरक्षण हेतु कार्यवाही की जाएगी और ग्राम पंचयत को आदर्श ग्राम पंचायत बनाये जाने हेतु संकल्प पारित किया जाएगा। साथ ही मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जल संरक्षण के प्रयासों पर चर्चा भी की जाएगी। ग्राम पंचायतों को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने हेतु संकल्प भी पारित किए जाएंगे। ग्राम सभा में लिए गए निर्णयों की अधिकतम 15 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ग्राम सभा निर्णय मोबाइल ऐप में अपलोड किया जाएगा। साथ ही सभी गतिविधियों को वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल एवं जीपीडीपी पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपलोड किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह दिन भारत में स्थानीय स्वशासन की संवैधानिक शुरुआत का प्रतीक है, जब वर्ष 1993 में 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा मिला।
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