रायपुर रायपुर जिले में पहली बार रेत घाट का आवंटन पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से कर दिया गया है। इस एकमात्र रेत घाट के लिए कुल 501 आवेदन आए थे, जिनमें से जांच के दौरान 23 को खारिज कर दिया गया। शेष 478 आवेदकों के बीच ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई, जिसमें जनक कुमार यादव का चयन हुआ। सूत्रों का कहना है कि यह आवेदन रेत सिंडिकेट से जुड़े लोगों द्वारा कराया गया था, जिससे संकेत मिलता है कि घाट का संचालन भी उन्हीं के हाथों में रहेगा।
अब जिले के 6 अन्य रेत घाटों की नीलामी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इनमें गोबरा नवापारा के टीला-बी, चांपाझर-ए, चांपाइर-बी, आरंग क्षेत्र के हरदीडीह-बी, कुरुद-सी और राटाकाट-बी रेत घाट शामिल हैं। इच्छुक आवेदक 26 नवंबर तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, यदि प्रक्रिया सुचारू रही तो 27 नवंबर को कलेक्टोरेट परिसर में ही लॉटरी आयोजित की जाएगी।
इस बीच, ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया को लेकर यह भी चर्चाएं हैं कि रेत सिंडिकेट अलग-अलग नामों से लगातार आवेदन दाखिल कर रहा है, ताकि घाटों का नियंत्रण उनके पास ही बना रहे। टीला रेत घाट को लेकर पहले से विवाद है। सीमांकन जांच के लिए पटवारी, तहसीलदार और खनिज निरीक्षक से रिपोर्ट मंगाई गई थी, जिसमें बताया गया था कि प्रस्तावित घाट से 500 मीटर दूरी पर एक पुल निर्माणाधीन है। हालांकि, आवंटन के समय तहसीलदार और खनिज निरीक्षक ने अपनी पहले दी गई रिपोर्ट ही बदल दी, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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