कवर्धा 20 नवम्बर (आरएनएस)। भोरमदेव अभयारण्य के चिल्फी पूर्व वनक्षेत्र में वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीट क्रमांक 333 के जंगल में शिकारियों ने करंट बिछाकर एक सप्ताह के भीतर दो बायसन का शिकार कर डाला। घटना की जानकारी मिलने पर वन अमला मौके पर पहुँचा, जहाँ बायसन के अवशेष बरामद किए गए।
जांच में खुलासा हुआ कि शिकारियों ने जंगल में 3 से 4 किलोमीटर के क्षेत्र में बिजली के तार फैलाकर जाल तैयार किया था। इसी करंट ट्रैप की वजह से दोनों बायसन की मौत हुई। मामला गंभीर होने पर वन विभाग ने तुरंत डॉग स्क्वॉड को बुलाकर बड़ी तलाशी शुरू की।
तलाशी में कई स्थानों से करंट बिछाने में इस्तेमाल किए गए तार बरामद हुए। डॉग स्क्वॉड से मिले प्रमुख सुरागों के आधार पर आरपी सल्हेवरा इलाके से पाँच संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। उनके घरों पर छापेमारी के दौरान बायसन के मांस के टुकड़े भी मिले, जिससे शिकार की पुष्टि हो गई है।
वन विभाग अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अन्य संभावित साथियों और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रहा है। लगातार हो रहे शिकार के मामलों ने अभयारण्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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