बिलासपुर 20/11/2025 (आरएनएस) स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं की सुविधा के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर पिंक टायलेट बनाए गए हैं। इन्हीं में से एक देवकीनंदन चौक पर स्थित पिंक टायलेट है, जिसे बनाते समय उद्देश्य था कि यहां से गुजरने वाली महिलाएं सुरक्षित, स्वच्छ और आसानी से सुलभ सार्वजनिक शौचालय की सुविधा ले सकेंगी। हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। दिनभर चौक पर भारी भीड़ और बाजार की चहल-पहल के बावजूद ज्यादातर महिलाएं इस पिंक टायलेट का उपयोग नहीं कर पा रही हैं। वजह यह है कि इसका अस्तित्व होने के बावजूद इसके बारे में जानकारी की कमी, इसका हमेशा बंद होने का आभास देती है। वहीं उसके संचालन का अभाव भी इस पिंक टायलेट से ज्यादातर महिलाओं को दूर रख रहा है।
महिलाओं की सुविधा हेतु बनाया गया दो पिक टॉयलेट
अक्सर महिलाओं की एक बड़ी परेशानी रहती है कि जब वे बाजार या अन्य सार्वजनिक स्थान पर जाती हैं तो उसके टायलेट की आवश्यकता महसूस होने पर उन्हें इस कार्य लिए टायलेट नहीं मिल पाता है। उनकी इस समस्या को देखते हुए ही स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लिमिटेड की ओर से शहर के कई स्थानों में महिलाओं हेतु पिंक टायलेट बनाए गए हैं, जिनका उपयोग सिर्फ महिलाएं कर सकती हैं। इसके तहत एक पिंक टायलेट कलेक्टोरेट परिसर और दूसरा देवकीनंदन चौक में निर्मित किया गया है।
देवकीनंदन चौक का पिंक टायलेट
क्यों दिखता है हमेशा बंद जैसा-
* टायलेट के दरवाजे का डिजाइन अंदर-बाहर की गतिविधि को नहीं दर्शाता है।
* बाहर खुला या बंद होने का कोई संकेत बोर्ड नहीं है।
* आसपास संकेतक बोडों की कमी
* महिला या किसी महिला कर्मचारी के न देखने से होने वाली हिचक।
* महिला कर्मचारी नहीं होने से भी हिचक
ज्ञात हो टायलेट के बाहर या अंदर किसी भी तरह की महिला कर्मचारी की मौजूदगी नहीं दिखना भी महिलाओं को खलता है। वैसे भी महिलाएं सार्वजिनक जगहों पर सुरक्षा और निजता को लेकर स्वाभाविक रूप से सतर्क रहती हैं। जब वहां कोई महिला या फिर महिला कर्मचारी न दिखे तो वे शौचालय में प्रवेश करने से कतराती हैं।
देवकीनंदन पिक टॉयलेट की उचित व्यवस्था होनी आवश्यक
एक पिंक टॉयलेट कलेक्ट्रेट परिसर में बनाया गया है। इसका उपयोग विभिन्न विभागों में कार्य करने वाली महिला कर्मी करते हैं, जो महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। इसी तरह एक पिंक टायलेट देवकीनंदन चौक के पास देवकीनंदन कन्या स्कूल के बाजू में बनाया गया है। यह जगह शहर के व्यस्तम जगह में से एक है और दिनभर यहां से महिलाओं का आना-जाना रहता है। ऐसे में इसका भी ज्यादातर महिलाओं के उपयोग में आना चाहिए, पर वास्तविकता में ऐसा हो नहीं पा रहा है। ज्यादातर महिलाओं को तो यह पता भी नहीं है कि यह एक महिला टायलेट है। ऐसा बनाया गया है कि यह देखने में बंद प्रतीत होता है। महिला स्टाफ भी नजर नहीं आती है। ऐसे में महिलाएं इसका उपयोग करने से कतरा रहीं हैं। ऐसे में इस पिंक टायलेट का सही उपयोग अब तक नहीं हो पा रहा है। प्रशासन को इसकी उचित व्यवस्था की पहल करनी होगी अन्यथा इस पिक टॉयलेट महिलाओं के लिए निरर्थक साबित हो रहा है।

