बिलासपुर 10 जून (आरएनएस) अब सिर्फ वर्दी पहनना काफी नहीं होगा, बल्कि हर कदम पर पुलिस की साख बचानी होगी। इसी स्पष्ट संदेश के साथ बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री राम गोपाल गर्ग ने नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकों की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर नई पुलिसिंग का रोडमैप तय कर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले 20 से 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि, कार्यशैली और जनता का भरोसा इसी नए बैच के कंधों पर टिका रहेगा।
बुधवार को रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना भवन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल, श्रीमती मधुलिका सिंह, यातायात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीराम गोपाल करियारे, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता केरकेट्टा, उप पुलिस अधीक्षक श्री विवेक शर्मा सहित नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षक मौजूद रहे। वहीं बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट किया कि वर्दी पहनने के बाद किसी पुलिस अधिकारी का आचरण केवल व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि वह पूरे विभाग का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने अनुशासन, मर्यादा, कानून का पालन और जनता के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही यातायात नियमों का स्वयं पालन करने और किसी भी ऐसे कार्य से बचने के निर्देश दिए, जिससे पुलिस की प्रतिष्ठा प्रभावित हो।
बैठक में तकनीक आधारित पुलिसिंग को भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बताते हुए CCTNS में स्वयं प्रविष्टियां करने, ‘सशक्त’, ‘ई-साक्ष्य’, I/O Mitan और ‘समाधान’ जैसे विभागीय एप्स का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षु अधिकारियों को कंप्यूटर, सोशल मीडिया और साइबर अपराधों की बेहतर समझ विकसित करने की भी सलाह दी गई।
विवेचना को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक प्रशिक्षु उप निरीक्षक को कम से कम पांच समन और पांच वारंट तामील करने, पुरानी एफआईआर और चार्जशीट का अध्ययन करने तथा अनुभवी विवेचकों और मोहर्रिरों से व्यावहारिक प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए गए। वहीं थाने आने वाले हर पीड़ित की समस्या धैर्यपूर्वक सुनने, कानून सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिलाने और जनता का विश्वास जीतने को पुलिस का सबसे बड़ा दायित्व बताया गया।
आईजी ने विभागीय आचरण नियमों के कड़ाई से पालन और डेली डायरी नियमित रूप से संधारित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कभी भी औचक निरीक्षण किया जा सकता है, इसलिए हर अधिकारी अपने कार्यों का पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित रखे।
बहरहाल, बिलासपुर रेंज में नई पीढ़ी के पुलिस अधिकारियों को साफ संदेश मिल गया है कि भविष्य की पुलिसिंग केवल वर्दी के दम पर नहीं, बल्कि अनुशासन, तकनीक, संवेदनशीलता और ईमानदारी के बल पर ही जनता का भरोसा जीत पाएगी।


