500 से अधिक एल्डरमेन बनाना होगा सरकार को
भाजपा संगठन द्वारा सूची नहीं मिलने पर सरकार नहीं कर पा रही आदेश
रायपुर, 20 नवंबर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के पश्चात अब एल्डरमेन की भर्ती को लेकर सरकार और संगठन आमने-सामने हैं। नगरीय निकाय अधिकारियों के अनुसार यह नियुक्ति राजनीतिक रूप से की जाती है। इस संगठन से नाम जैसे ही स्वीकृत होकर आएगा वैसी ही शासन द्वारा इस विधिवत आदेश जारी कर दिया जाएगा। इससे एल्डरमेन के रूप में 150 से अधिक नगरीय निकायों में 500 से अधिक एल्डरमेन की नियुक्ति की जानी है। नियुक्ति में विलंब होने से कार्यकर्ताओं में रोष है।
नगरीय निकाय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में 13 नगर निगम तथा 80 से अधिक नगर पालिका एवं इतनी ही नगर पंचायतें हैं। कुल मिलाकर 180 से अधिक नगर पंचायत हैं। नगरीय निकायों के चुनाव हो चुके सिर्फ भिलाई और रिसाली तथा वीरगांव के चुनाव नहीं हो पाए हैं। शासन द्वारा एल्डरमेन की नियुक्ति की जाती है। सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी इस समय सत्ता में हैं। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं को उपकृत करने के लिए नियुक्ति की जाएगी। जिन कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण पद नहीं मिल पाई है, उन्हें यह पद दिया जाएगा। एल्डरमेंन को विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत करने की अनुशंसा करने का अधिकार होता है। जिसके तहत वे अनेक काम करवा सकते हैं। इसलिए अब राजनीतिक दल के कार्यकर्ता एल्डरमेंन बनने के लिए प्रयास कर रहे हैं। लेकिन अभी तक यह सूची जारी नहीं हुइ है, जिसके कारण कार्यकर्ताओं में रोष है।
500 से अधिक एल्डरमेन नियुक्त करने की कवायद
प्रदेश में कुल नगर निगम पालिका तथा पंचायतों की संख्या 200 है। नगर निगम में वार्डों के हिसाब से एल्डरमेन बनाए जाते हैं, जिसके अनुसार प्रत्येक नगर निगम में 9-11 एल्डरमेन बनाए जा सकते हैं। वहीं पालिकाओं में 5 तथा पंचायतों में 3 से अधिक एल्डरमेन की नियुक्ति की जा सकती है। नियुक्ति का आधार सिर्फ पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता होना तथा वरिष्ठ नेता होना है। नगरीय निकाय जिन कार्यकर्ताओं ने मेहनत की है, उन्हें पुरस्कार स्वरूप दिया जाता है।
चुनाव हुए लगभग साल भर हुए हैं, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं मिली है, जिसके कारण यहां पर कार्यकर्ताओं में रोष है। कार्यकर्ता इस समस संगठन प्रभारियों से मिल रहे हैं। लेकिन संगठन मंत्री पवन साय बंगाल दौरे पर चले गए है, जिसके कारण यह नियुक्ति अधर में लटक गई है। इस समय कार्यकर्ता अपना-अपना बायोडाटा लेकर भार साधक मंत्री, विधायक तथा सांसद से मिली रहे हैं, लेकिन अभी तक इस पर सफलता नहीं मिली हैं।
आर. शर्मा
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