कोलकाता,21 नवंबर (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को अभी बंद करने की मांग की है। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर साझा किए पत्र में लिखा कि काम का बोझ, ट्रेनिंग और अधिकारियों के अत्यधिक दबाव के कारण एसआईआर की विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई है। उन्होंने लिखा कि एसआईआर ऐसे समय पर हो रहा है, जब किसान धान की कटाई करने में व्यस्त हैं।
मुख्यमंत्री बनर्जी ने लिखा, मैंने बार-बार एसआईआर को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं बताई हैं। अब, मैं आपको लिखने के लिए मजबूर हूं क्योंकि एसआईआर के हालात बहुत खराब हैं। यह बिना योजना अधिकारियों-नागरिकों पर थोपा जा रहा है, जो खतरनाक है। उन्होंने लिखा, बीएलओ को ऐसे बड़े काम के लिए जरूरी ट्रेनिंग, सपोर्ट और समय नहीं मिला। काम का बोझ, नामुमकिन टाइमलाइन, ऑनलाइन डेटा एंट्री में सपोर्ट न होने से पूरी प्रक्रिया और उसकी विश्वसनीयता गंभीर खतरे में है।
उन्होंने आगे लिखा, बीएलओ इंसानी हद से अधिक काम कर रहे हैं। ऐसे में उन पर गलत और अधूरी जानकारी अपलोड करने का दबाव डाला जा रहा है। समय कम है, जिससे 4 दिसंबर तक डेटा भी अपलोड होना मुश्किल है। समय बढ़ाने या मदद करने की जगह चुनाव आयोग के अधिकारी उन्हें डरा-धमका रहे हैं। ममता ने बताया कि दबाव से तंग आकर कल जलपाईगुड़ी के माल में बीएलओ बनी एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आत्महत्या कर ली है।
ममता ने आगे लिखा कि अभी धाई की कटाई और आलू बोने का समय है, जो निश्चित होता है, ऐसे में किसान एसआईआर के लिए अपना खेत नहीं छोड़ सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जबरदस्ती काम को जारी रखने से लोगों की जान को खतरा है और चुनाव सुधार की वैधता भी खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने आयोग से जबरदस्ती का दखल बंद करने और सही ट्रेनिंग और सहायता से इस पर गौर करने को कहा है।
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