जातिगत उत्पीडऩ शर्मनाक, निलंबन वापस लिया जाए- आइसा
प्रयागराज 21 नवंबर (आरएनएस )। मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी में फैकल्टी डॉ. वेंकटेश के निलंबन के खिलाफ आज शुक्रवार को आइसा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। एमएनएनआईटी गेट पर हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे थे। एमएनएनआईटी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डॉ. वेंकटेश के जातिगत उत्पीडऩ और निलंबन पर रोक लगाने तथा उनके प्रमोशन और सैलरी को बहाल करने की मांग की गई।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि डॉ वेंकटेश ने 2012 में इंस्टीट्यूट ज्वाइन किया था इसके बाद से ही उनके साथ भेदभाव किया जा रहा था जिसकी वह शिकायत संस्थान के अधिकारियों से लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और उच्चतम न्यायालय तक कर चुके हैं। इसी कारण से विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रतिशोध में तथा पद का दुरुपयोग करते हुए निलंबन कर दिया हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश चौधरी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों मे दलित-आदिवासी समुदाय से आने वाले छात्रों व शिक्षकों के साथ हो रहे उत्पीडऩ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर एमएनएनआईटी प्रशासन ने एक हफ्ते के अंदर उनका अवैध निलंबन वापस नहीं लिया तो हम बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
आइसा इकाई अध्यक्ष सोनाली यादव ने कहा की शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत उत्पीडऩ के मामले लगातार बढ़ रहे हैं डॉक्टर वेंकटेश के साथ हो रहा उत्पीडऩ भी रोहित वेमुला, पायल तडवी, दर्शन सोलंकी तथा बसंत कनौजिया की तरह ही गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति का है इसके खिलाफ लोग आक्रोशित हैं।शिवम ने कहा कि डॉ एएम वेंकटेश के साथ हो रहा निलंबन और उत्पीडऩ की कार्यवाही उनकी जाति देखकर उन्हें बहिष्कृत करने के उद्देश्य से की जा रही है जो शर्मनाक है। यहां मानवेंद्र, सुजीत, मनीष कुमार, सुमित सरकार, राहुल, सोनू यादव आदि रहे।
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