सुल्तानपुर लखनऊ 21 नवंबर (आरएनएस ) । कूरेभार क्षेत्र के ढेसरुआ गांव के निवासी मोची रामचेत का लंबी बीमारी के बाद हाल ही में निधन हो गया। वे लंबे समय से कैंसर और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका संघर्ष और हिम्मत हमेशा गांववासियों के बीच चर्चा का विषय रहे, लेकिन बीमारी ने अंतत: उन्हें पराजित कर दिया।रामचेत पिछले वर्ष सुर्खियों में आए थे जब 26 जुलाई को राहुल गांधी सुल्तानपुर होते हुए लखनऊ लौट रहे थे। रास्ते में वे रामचेत की छोटी सी गुमटी पर रुके थे। बातचीत के दौरान जब राहुल गांधी को उनकी आर्थिक स्थिति का अंदाज़ा हुआ, तो उन्होंने तुरंत मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद राहुल गांधी की पहल पर रामचेत को जूते-चप्पल बनाने के लिए आधुनिक मशीन और कच्चा माल उपलब्ध कराया गया, जिससे उनका काम दोबारा पटरी पर चलने लगा था। बीमारी के दौरान भी राहुल गांधी लगातार उनके संपर्क में रहे और यथासंभव मदद करते रहे।रामचेत के निधन से पूरे गांव में शोक की लहर है। आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ढेसरुआ गांव स्थित उनके घर पहुंचे और तेरहवीं संस्कार में शामिल होकर परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में कांग्रेस परिवार रामचेत के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा है।रामचेत का जीवन संघर्ष, साहस और आशा का प्रतीक था। उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि संकल्प और सहयोग से जीवन की राह फिर से बनाई जा सकती है, भले ही परिस्थितियाँ कितनी ही कठिन क्यों न हों।
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