सोहावल-अयोध्या 21 नवंबर (आरएनएस )। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गांव में कोटेदारी विवाद को सुलझाने में आपूर्ति विभाग सफल रहा। लगभग 6 महीने तक चले पिलखावां प्रथम ग्राम पंचायत में कोटेदारी को लेकर लंबी खींचतान और जांच पड़ताल के बाद लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह की दावेदार पीतांबरा पत्नी अनंतराम निषाद के पक्ष में निर्णय मिला और उप जिलाधिकारी की मुहर लग गई। विकास खण्ड की पिलखावां ग्राम पंचायत को सबसे बड़ी पंचायत में गिना जाता है। इसीलिए यहां कोटे की दुकान भी दो बनाई गई है। पिछले 6 महीने से रिक्त हुई दोनों दुकानों को चलाने के लिए बैठकों का दौर चल रहा था संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी सितंबर महीने में ही चौन की बैठक कर चुके थे। लेकिन ग्राम पंचायत में गुटबाजी के चलते दोनों सस्ते गल्ले की दुकानों का चयन अधर में फंसा रहा। पंचायत के दूसरे कोटेदार का निर्णय लगभग 2 माह पहले किया गया था। लेकिन पहली दुकान का विवाद अब जाकर सुलझ पाया। चयन समिति के फैसले पर 18 नवंबर को मोहर लगाते हुए उप जिलाधिकारी सुश्री सविता देवी ने स्वयं सहायता समूह की संचालिका पीतांबरा निषाद को उचित दर विक्रेता घोषित करते हुए तत्काल राशन उठाकर वितरण करने का निर्देश जारी किया है।
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