स्नान घाट की लंबाई 40त्न बढ़ेगी, 2.8 किमी की लंबाई में स्नान घाट होंगे
स्नानार्थियों की सुरक्षा को बनेगी 8 किमी डीप वाटर बैरिकेडिंग
प्रयागराज 23 नवंबर (आरएनएस)। माघ मेला क्षेत्र में इस बार गंगा की धारा झूंसी की ओर ज्यादा है, इसके चलते संगम का सरकुलेटिंग एरिया बढ़ गया है, जिससे अब 40 प्रतिशत स्नान घाट की लंबाई बढ़ जाएगी। वर्ष 2024 के माघ मेला में दो किमी लंबाई में स्नान घाट बनाए गए थे, जबकि इस बार 2.8 किमी की लंबाई में स्नान घाट बनाए जाएंगे।
उच्चाधिकारियों के अनुसार भूमि समतलीकरण का काम 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। एक हफ्ते में यह कार्य पूरा हो जाएगा। मुख्य मार्गों का चिन्हांकन का काम भी पूरा हो चुका है। शौचालयों एवं टेंटेज की निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पुराने टेंट किसी भी हाल में न देने के निर्देश दिए गए। टेंट की हालत दुरुस्त होनी चाहिए। अन्य सुविधाएं भी बेहतर होनी चाहिए। शौचालयों की स्थापना के लिए स्थल चिन्हांकन की प्रक्रिया चल रही है।
भूमि आवंटन एवं बसावट का कार्य 15 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। सभी 42 पार्किंग स्थलों की जमीन को चिन्हित कर लिया गया है, जहां भूमि समतलीकरण व अन्य कार्य 15 दिसंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार महाकुंभ की तरह इस बार के माघ मेले में भी स्नानार्थियों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किया जा रहे हैं। गंगा, यमुना और स्नान घाटों पर करीब आठ किलोमीटर की डीप वाटर बैरिकेडिंग की जाएगी। बैरिकेडिंग में प्लास्टिक की जाली भी लगी रहेगी, ताकि नीचे गिरने पर कोई श्रद्धालु गहरे पानी तक नहीं जा सकेंगे।
इसके साथ ही नावों के बेहतर ढंग से संचालन के लिए लगभग तीन किलोमीटर की वाटर लाइन तैयार की जाएगी। इससे संगम नोज तक आने-जाने वाले नाविकों को नाव चलाने के दौरान दिशा मिल सके। तीर्थयात्रियों की तत्काल सहायता और बचाव के लिए चार प्रमुख घाट पर जल पुलिस की रेस्क्यू चौकी भी बनाई जाएगी। वहां पर जल पुलिस के जवान और प्रशिक्षित गोताखोर तैनात रहेंगे।
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