-गंगा संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण की ओर सशक्त कदम
सोहावल-अयोध्या 23 नवंबर (आरएनएस)। भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी)के सहयोग से संचालित जलज परियोजना गंगा नदी तंत्र की जैव विविधता संरक्षण, तटवर्ती समुदायों के आजीविका संवर्धन तथा गंगा संरक्षण अभियान को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है। यह परियोजना नदी किनारे के समुदायों को पर्यावरणीय संरक्षण कार्यों से जोडऩे, महिलाओं को स्वरोजग़ार के अवसर उपलब्ध कराने और स्थानीय समाज को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसी क्रम में अयोध्या जिले के मंगलसी गाँव में 15 दिवसीय जूट प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण में जूट कटिंग,बोतल बैग, पेंसिल पाउच बैग, टिफिन बैग, लेडीज पर्स,स्वीट गिफ्ट बैग, फाइल बैग, राम नामी थैला, अन्य विभिन्न जूट उत्पाद से बनने वाले बैगों के बारे में जानकारी दी गई।
इस दौरान प्रशिक्षक साधना , परियोजना सहायक शिवानी पुंडीर नीरज कुमार, कुमारी डाली व मंगलसी गांव से 35 महिलाएँ मौजूद रहीं।कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में खण्ड विकास अधिकारी सोहावल अनुपम वर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की इस अवसर पर वन विभाग डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद यादव जी भी मौजूद रहे। परियोजना दल द्वारा मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों को जलज परियोजना के उद्देश्यों, गतिविधियों, अब तक की उपलब्धियों एवं महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहाकि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार होगा बल्कि गंगा संरक्षण में भी उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी।इस बात की जानकारी आलोक कुमार ने दी।
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