0-अभूतपूर्व सुरक्षा व चौकसी के बीच 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता डालेंगे वोट
कोलकाता,22 अपै्रल (आरएनएस)। आज बंगाल सहित देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान किए जाएगें। अगर बात बंगाल की करे तो उक्त खबर के लिखे जाने तक इस राज्य के उन जगहों पर अभूतपूर्व सुरक्षा व चौकसी के दृश्य नजर आये जो आजतक बंगाल में कभी नहीं दिखा। दो चरणों में होने वाले चुनाव के मद्देनजर आज बंगाल में पहले चरण का मतदान होना है। पश्चिम बंगाल में अगले कई हफ्तों तक चलने वाली सियासी बिसात के पहले चरण में 152 सीटें के लिए वोट डाले जाएंगे। इन सीटों पर सभी दलों के कुल 1478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
पहले चरण में उत्तर बंगाल के कई जिलों के साथ दक्षिण बंगाल के अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्र भी है। निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें लगभग 1.84 करोड़ पुरुष मतदाता, 1.75 करोड़ महिला मतदाता तथा 465 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। राज्यभर में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 2450 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं, जिनमें लगभग 2.5 लाख सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। 8000 मतदान केंद्र हैं अति संवेदनशीलआयोग ने पहले चरण के लिए 8000 से अधिक मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील चिह्नित किया है। माल्दा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूचबिहार, बीरभूम और बर्द्धमान जिलों को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए कड़ी निगरानी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में केंद्रीय बलों के साथ निगरानी दल, विशेष पर्यवेक्षक और 2193 त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। वैसे गौरतलब है कि, इस बार का चुनाव राज्य की सियासत के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार को हटाकर पहली बार अपने दम पर सत्ता में आने का दावा कर रही है। कांग्रेस और वाम दल भी कई क्षेत्रों में मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में जुटे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान इस बार सबसे बड़ा विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर रहा। इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के बाद विपक्षी दलों, विशेषकर तृणमूल कांग्रेस, ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। वोटिंग से पहले कई संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना, मुर्शिदाबाद और माल्दा जैसे प्रमुख जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पहले चरण में बंगाल के जिन 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान होना है। इनमें पूर्व मेदिनीपुर की 16 विधानसभा सीटें, पश्चिम मेदिनीपुर की 15, उत्तर बंगाल के 8 जिले, दक्षिण बंगाल के 3 और जंगलमहल अंचल के 5 जिले शामिल हैं। मुर्शिदाबाद की 22 विधानसभा सीटें, कूचबिहार की 9 सीटें, जलपाईगुड़ी की 7, अलीपुरद्वार की 5, कलिंपोंग की 1, दार्जिलिंग की 5, उत्तर दिनाजपुर की 9, दक्षिण दिनाजपुर की 6, माल्दा की 12, बीरभूम की 11, पश्चिम बर्द्धमान की 9, झाडग़्राम की 4, पुरुलिया की 9 व बांकुड़ा की 12 सीटें शामिल हैं। निर्वाचन आयोग ने मतदान के दिन शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। राज्यभर में सुरक्षाबलों का फ्लैग मार्च भी जारी है। अब सबकी नजर 23 अप्रैल पर है, जब पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान होगा और करोड़ों मतदाता तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
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