मेरठ 24 नवंबर (आरएनएस)। मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के 661/6 के ध्वस्तीकरण के करीब महीने भर बाद जिंदगी अब पटरी पर आने लगी है। करीब तीस फुट ऊंचे मलबे के ढेर पर अब ध्वस्त दुकानों के बोर्ड लगने लगे हैं। यह दुकानें सभी आसपास ही शिफ्ट हो गई हैं। सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण में 661/6 में कौन कौन सी दुकानें थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को सेंट्रल मार्केट के इस आवासीय भूखंड पर बने व्यावसायिक कांप्लेक्स को तीन माह में खाली कराकर दो सप्ताह में ध्वस्त कराने का आदेश दिया था। यह भूखंड 1986 में आवासीय उपयोग के लिए आवंटित हुआ था, जहां व्यावसायिक कांप्लेक्स के रूप में अवैध निर्माण बढ़ता गया।
आवास विकास परिषद ने 1990 में नोटिस देकर इसे गिराने को कहा था, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरने के बाद आखिरकार काम्प्लेक्स बचाने की व्यापारियों की दलील हार गईं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी किसी व्यापारी ने दुकान से सामान नहीं हटाया। याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने अवमानना का वाद सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया।
छह अक्टूबर को अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गृह सचिव, आवास आयुक्त, डीएम, एसएसपी, आवास विकास के अधिकारियों और उक्त कांप्लेक्स के नौ व्यापारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है। इसके बाद 25 अक्तूबर को ध्वस्तीकरण शुरू हुआ और दो दिन में इमारत जमींदोज हुई।
अब महीनेभर बाद दुकानदारों ने आसपास ही दुकानें लेकर नए सिरे से व्यापार शुरू कर दिया है। वहीं डॉ. संजय गुप्ता ने प्रभात नगर स्थित जेपी हॉस्पिटल में क्लीनिक शुरू कर दिया है। मलबे के ढेर में बोर्ड लगाकर नए प्रतिष्ठानों की जानकारी बोर्ड लगाकर दी जा रही है। वहीं पुराना स्टाफ भी फिर से रख लिया गया है।
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