कुशीनगर, 24 नवम्बर (आरएनएस)। उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया की जनपद में पराली जलाने की घटनाओं में निरंतर वृद्धि को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठते हुए किसानों पर जुर्माना अधिरोपित करने की कार्यवाही की है। जनपद में अब तक परली जलने की 92 घटनाएं रिपोर्ट में आई है। जिस पर गंभीर होकर हाटा तहसील द्वारा 7 किसानों पर 17500.00 नियमानुसार जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को पराली जलाने की घटना के संबंध में कार्यवाही करने में शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या पराली प्रबंधन के यंत्र के साथ धान कटाई कर रहे कंवादन हार्वेस्टरों को तत्काल सीज करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने किसानों से उनतशील कृषि यंत्रों जैसे मल्चर, रोटरी स्लैशर, स्ट्रा रीपर एवं पैडी स्ट्रा चाळेपर आदि का प्रयोग करते हुए पराली का उपयोग खेत में ही करने का अनुरोध किया गया है। जिससे वह किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही से बच सकें। जिन गांवों में एक से अधिक घटनाएं प्रकाश में आई है। उनके प्रधानों को भी कठोर निर्देश जारी किए गए हैं कि वह अपने क्षेत्र में पराली जलने की घटनाओं पर अंकुश लगाना सुनिश्चित करें। कृषि विभाग द्वारा पराली प्रबंधन हेतु बायो डी कंपोजर की व्यवस्था की गई है। जिसका वितरण राजकीय बीज भंडारों के माध्यम से किसानों के मध्य नि:शुल्क कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त गांव में डुग्गी-मुनादी एवं प्रचार वाहनों के माध्यम से पराली ना जलाने की अपील की जा रही है। उप कृषि निदेशक ने किसानों से अनुरोध किया है कि वह गेहूं की बुवाई सीधे सुपरसीडर के माध्यम से करें एवं पराली को खेत में ही दबा कर खाद बनाने का कार्य करें एवं किसी भी दिशा में पराली को ना जलाएं। उन्होंने किसानों से पराली को समीप की निराश्रित गौशाला में दान करते हुए किसानों को पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देने की अपील किया है।
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