छात्रों को रोकने के लिए धरना स्थल पर पानी भरा गया; डटे रहे छात्र
चीफ प्रॉक्टर बोले- 80त्न बाहरी प्रदर्शनकारी
प्रयागराज 24 नवंबर (आरएनएस)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों ने निलंबन के विरोध में जमकर धरना-प्रदर्शन किया। सभी निलंबित छात्र-छात्राओं के निलंबन वापस लिए जाने की मांगों को लेकर आज एक फिर छात्र यहां धरना प्रदर्शन किए जाने का एलान किया था। इसके लिए 2 दिनों से सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बड़ी संख्या में छात्रों को विश्वविद्यालय के गेट पर पहुंचने की अपील की गई। उसी के तहत सोमवार की सुबह से बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे।
दिशा छात्र संगठन की अगुवाई में यह आंदोलन हुआ। सुरक्षा को देखते हुए सभी गेटों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। छात्रों ने आरोप लगाया कि धरना को प्रभावित करने के लिए मौके पर पानी भर दिया गया। हालांकि विश्व विद्यालय प्रशासन ने छात्रों के आंदोलन को अलोकतांत्रिक बताया। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि धरना दे रहे 80 फीसदी छात्र बाहरी हैं।
ज्ञात हो कि शुक्रवार को भी छात्रों ने मेन गेट पर प्रदर्शन किया था। धरने पर बैठ गए थे। उनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई थी। छात्रों ने कहा था कि, यदि निलंबित छात्रों की बहाली नहीं की जाती है तो सोमवार से बड़ा प्रदर्शन होगा। इस बाबत दिशा छात्र संगठन के चंद्रप्रकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के मनमाने और दुव्र्यवहार पूर्ण रवैया पर तत्काल रोक लगाते हुए छात्रों के ऊपर की गई निलंबन कार्यवाही को तत्काल वापस लिया जाए। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक माहौल को कायम किया जाए।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर राकेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन करने वाले 80त्न लोग बाहरी हैं। दिशा छात्र संगठन से जुड़े लोग हैं। चंद्र प्रकाश देश विरोधी और समाज विरोधी बातें कर रहा है। उनके फेसबुक, इंस्टा और ट्विटर अकाउंट को देखेंगे तो पता चलता है कि वो नक्सलियों को सपोर्ट करते हैं। यह लोकतंत्र और न्याय के नाम पर अलोकतांत्रिक और अन्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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