अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई के लिए बार को लिखा पत्र
प्रयागराज 24 नवंबर (आरएनएस)। विगत दिनों अधिवक्ता दीपक शुक्ला की पत्नी को नाजरेथ अस्पताल में डॉ आरपी शुक्ला के देखरेख में भर्ती किया गया था। चार दिन बाद जब रिपोर्ट आई तो डॉक्टर ने मरीज को गैस्ट्रोलॉजी विभाग में रेफर किया, नाजरेथ में गैस्ट्रो के डॉक्टर की अनुपलब्धता की वजह से मरीज को मेदांता में भर्ती करा दिया गया जहां पांच दिन बाद देहांत हो गया।
अधिवक्ता दीपक शुक्ला का कहना है कि डॉ आरपी शुक्ला ने सही से इलाज नहीं किया जिसकी वजह से ऐसा हुआ। इसके अलावा 22 नवंबर को डॉ आरपी शुक्ला के ऊपर जानलेवा हमला भी हुआ।
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि मेडिकल बोर्ड बैठा है और मरीज का देहांत मेदांता में हुआ। नाजरेथ अस्पताल या डॉ आरपी शुक्ला कैसे दोषी हो गए। कोई भी डॉक्टर मरीज को बचाने का कार्य करता है और डॉ आरपी शुक्ला के जरिए हजारों मरीज ठीक भी हुए हैं।
उधर अधिवक्ता दीपक शुक्ला सोशल मीडिया पर डॉ आरपी शुक्ला और नाजरेथ अस्पताल के खिलाफ सबको एकजुट कर रहे हैं।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

