लखनऊ ( आरएनएस ): 24 नवम्बर, 2025उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएम एफएमई) योजना का क्रियान्वयन उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में अत्यंत प्रभावी ढंग से जारी है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार यह योजना प्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे तेज गति से लागू हो रही है।विभागीय आंकड़ों के मुताबिक योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं प्रस्तावों की स्वीकृति का औसत समय महज 100 दिन है, जबकि स्ट्राइक रेट 98 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है, जो प्रदेश को देश में शीर्ष स्थान पर स्थापित करता है।खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में आवंटित रु. 311.71 करोड़ में से रु. 252.89 करोड़ धनराशि व्यय की जा चुकी है। साथ ही तृतीय किश्त के लिए राज्य सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार को अनुरोध पत्र भेजा गया है।प्रदेश के विभिन्न बैंकों ने पीएम एफएमई योजना के अंतर्गत अब तक 2000 करोड़ रुपये से अधिक के टर्म लोन स्वीकृत किए हैं, जिससे सूक्ष्म खाद्य उद्योगों को बड़ी राहत और बढ़ावा मिला है।अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी एल मीणा ने बताया कि इस वर्ष योजना के अंतर्गत सर्वाधिक प्रस्ताव स्वीकृत हुए हैं। औसतन 10 लाख रुपये का टर्म लोन तथा 4 लाख रुपये प्रति इकाई अनुदान स्वीकृत किया गया है, जो देश में सर्वोत्तम है।सूक्ष्म उद्योग स्थापित कराने के लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद में 1000 जनपदीय रिसोर्स पर्सन (डीआरपी) तैनात किए हैं। एक इकाई स्थापित कराने पर डीआरपी को 20,000 रुपये की सहायता भी प्रदान की जाती है।पीएम एफएमई योजना ने प्रदेश में सूक्ष्म खाद्य उद्योगों के लिए नई संभावनाओं और रोजगार के मार्ग खोले हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
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