सिहावा नगरी, 25 नवंबर (आरएनएस)। मगररोड (मगरलोड) ब्लॉक के राजा डेरा (राजाडेरा) जलाशय में हाल ही में तटबंध टूटने की घटना ने क्षेत्र में चिंता की लकीर खींच दी है। उपलब्ध समाचारों के अनुसार, जलाशय लगभग 15 वर्ष पूर्व करोड़ों रूपए की लागत (लगभग ?15 करोड़) में बनाया गया था, और इसकी कुल जलभराव क्षमता लगभग 7.43 एमसीएम है।
टूटने का प्रमुख कारण यह बताया गया है कि बांध की संरचना में समय-समय पर रिसाव और क्षरण हुआ करता था, और पुराने निर्माण में मरम्मत की कमी रही; वर्तमान मरम्मत कार्य इसी कमजोर हिस्सों की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए चल रहा है।
इस संदर्भ में विधायक अंबिका मरकाम ने आज राजा डेरा जलाशय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरम्मत कार्य की प्रगति, उसमें इस्तेमाल हो रही निर्माण सामग्री और तकनीकी मापदंडों की समीक्षा की, तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि बांध को भविष्य-दृष्टि से टिकाऊ और मज़बूत बनाया जाए।
विधायक ने उपस्थित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जल संसाधन विभाग, स्थानीय प्रशासन और उच्च स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा, ताकि मरम्मत का काम समुचित रूप से हो और जलाशय की पुनस्र्थापना में देरी न हो।
निरीक्षण कार्यक्रम में आसपास के कई जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद थे, जिसमें लाला यादव (सरपंच), खिलावन यादव, दूज राम ध्रुव, करण ध्रुव (पूर्व सरपंच), चंदन बाफना (विधायक प्रतिनिधि), राजेश साहू (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष), बिसत साहू और क्षेत्र के अन्य कृषक एवं ग्रामीण शामिल थे।
विधायक का कहना था कि यह जिम्मेदारी सिर्फ मरम्मत की नहीं है, बल्कि जलाशय को दीर्घकालीन सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती प्रदान करने की है, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो।
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