रायगढ़,24अप्रैल (आरएनएस)। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का रायगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने एक रिटायर्ड अधिकारी को झांसा देकर करीब 37 लाख रुपये की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को टेलीकॉम विभाग, फर्जी आईपीएस और सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे। वे पीडि़तों को फोन कर कहते थे कि उनके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। इसके बाद वीडियो कॉल, फर्जी दस्तावेज और मानसिक दबाव बनाकर उनसे बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
जांच के दौरान रायगढ़ साइबर पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन ट्रेल के जरिए गिरोह तक पहुंच बनाई। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस टीम ने राजस्थान के भीलवाड़ा में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया गया है, जहां उनसे आगे की पूछताछ जारी है।जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड एक निजी बैंक का कर्मचारी है। गैंग में एक वेब डेवलपर समेत कई शातिर सदस्य शामिल थे, जिन्होंने मिलकर ठगी का संगठित तंत्र तैयार किया था।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह गिरोह देशभर में करीब 1 करोड़ 40 लाख 77 हजार 300 रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और बैंक खातों की जांच में जुटी है।रायगढ़ के एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्टजैसे किसी भी कॉल से सावधान रहें। किसी भी प्रकार के डर या दबाव में न आएं, पहले जानकारी का सत्यापन करें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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