भिलाई, 25 नवंबर(आरएनएस)। नगर निगम भिलाई की अवैध निर्माण विरोधी कार्रवाई के दौरान नेहरू नगर में सोमवार को बड़ी घटना सामने आई। अवैध निर्माण तोडऩे पहुंची निगम की टीम पर कब्जाधारियों ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि अचानक हमला कर दिया। इसी दौरान जोन आयुक्त के सरकारी वाहन में भी जमकर तोडफ़ोड़ की गई। हमले के बाद से निगम कर्मचारियों में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, जोन-1 नेहरू नगर क्षेत्र के वार्ड 49/12 में पुष्पा तिवारी पति राधेश्याम तिवारी द्वारा बिना अनुमति निर्माण किए जाने की शिकायत निगम तक पहुंची थी। छह महीने के भीतर भवन अनुज्ञा विभाग और जोन कार्यालय की ओर से कुल *7 बार नोटिस* जारी कर अवैध निर्माण रोकने और भवन की अनुमति लेने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई थी कि निर्माण नहीं रोका गया तो तोडफ़ोड़ की कार्रवाई की जाएगी।
इसके बावजूद निर्माणकर्ता ने निर्देशों को नजरअंदाज किया। इसलिए सोमवार को निगम की तोड़दस्ता टीम मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची। जैसे ही कर्मचारियों ने अवैध निर्माण तोडऩा शुरू किया, घर के लोग भड़क उठे। आरोप है कि करीब पांच लोगों ने गाली-गलौज करते हुए जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत के शासकीय वाहन (सीजी 07 एएल 5334) का सामने का कांच ड्राइवर के सामने ही तोड़ दिया। गनीमत रही कि किसी अधिकारी या कर्मचारी को चोट नहीं आई।
घटना के समय नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस के तीन जवान मौजूद थे, लेकिन अचानक हुए हमले से वे भी कुछ देर हालात नहीं संभाल सके। बाद में मामले को काबू में किया गया। घटना के बाद जोन-1 के कर्मचारी काफी सहमे हुए हैं। उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद जोन आयुक्त ने सुपेला थाना जाकर मामले की शिकायत दर्ज करवाई है।
जोन आयुक्त अजय राजपूत का बयान
हम पिछले छह महीने से निर्माणकर्ता को नियमों का पालन करने का निर्देश दे रहे थे। नोटिस भी कई बार जारी किए गए। लेकिन इसके बाद भी जब कार्रवाई करने पहुंचे तो अनु मिश्रा और अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए टीम पर हमला कर दिया और गाड़ी में तोडफ़ोड़ की। ऐसी परिस्थिति रही तो अधिकारी काम कैसे कर पाएंगे?
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