अल्मोड़ा,26 नवंबर (आरएनएस)। संजीवनी विकास एवं जनकल्याण समिति रानीखेत ने एलआईसी एचएफएल हृदय प्रोजेक्ट के अंतर्गत स्याल्दे ब्लॉक के 20 गाँवों में 100 लाभार्थियों को बकरी वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की है। पहल का उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और परिवारों के लिए स्थायी आय स्रोत तैयार करना है। परियोजना प्रबंधक मनोज नेगी ने बताया कि प्रत्येक चयनित लाभार्थी को दो बकरियाँ और एक बकरा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन कर दूध उत्पादन, प्रजनन और बिक्री के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के चयन में आर्थिक स्थिति, महिला नेतृत्व, आजीविका की आवश्यकता और पशुपालन में रुचि जैसे मानकों को प्राथमिकता दी गई है। समिति की ओर से पशुधन के साथ-साथ लाभार्थियों को टीकाकरण, कृमिनाशक दवा, बीमा सुविधा, पशु स्वास्थ्य किट और नियमित पशु चिकित्सा सहायता भी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा वैज्ञानिक बकरी पालन, चारा प्रबंधन और बाज़ार संपर्क से जुड़ी प्रशिक्षण गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ सके और पशुधन हानि को कम किया जा सके। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि परियोजना से महिला समूहों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, परिवारों को अतिरिक्त आय स्रोत विकसित होंगे और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र पशुपालन आधारित आय मॉडल के रूप में उदाहरण पेश करेगा। अब तक जसकोट, कहलगांव, सुवाघोल, मगरूखाल और बजवाड़ गांवों में बकरियों का वितरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में परियोजना प्रबंधक मनोज नेगी, फील्ड कोऑर्डिनेटर चंदन सिंह, कृपाल सिंह, शंकर दत्त देवतला और सुंदर सिंह मौजूद रहे।
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