सीहोर २६ नवंबर (आरएनएस)। जिले के आष्टा स्थित वीआईटी युनिवर्सिटी में मंगलवार रात को करीब ४००० छात्रों ने हंगामा कर दिया, जिसमें उन्होंने कॉलेज परिसर में खड़ी बस और कारों में आग लगा दी और एम्बुलेंस में भी तोडफ़ोड़ की। यह हंगामा कॉलेज में भोजन और पानी की खराब गुणवत्ता के विरोध में शुरू हुआ, जिसके बाद गार्डों द्वारा छात्रों की पिटाई का वीडियो सामने आने पर हालात बिगड़ गए। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने ३० नवंबर तक अवकाश घोषित कर दिया। इसके बाद स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी छोड़कर चले गए।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में घटिया पानी और खाने के कारण कई छात्र पीलिया से पीडि़त हुए हैं, और कुछ की मौत भी हो गई है। लगभग १०० छात्र आष्टा, सीहोर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती हैं। जब छात्रों ने इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ आवाज उठाई, तो हॉस्टल के वार्डन और गाड्र्स ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की और उन्हें चुप रहने के लिए दबाव बनाया।
कॉलेज प्रबंधन से कोई स्पष्ट जवाब न मिलने पर छात्रों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने कॉलेज परिसर में लगभग ४००० की संख्या में जमा होकर जमकर तोडफ़ोड़ की। छात्रों ने एक बस, बाइक और एक एम्बुलेंस को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा हॉस्टल की खिड़कियों के शीशे, आरओ प्लांट और परिसर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, आष्टा, एसडीओपी आष्टा, तथा आष्टा, जावर, पार्वती, कोतवाली सहित अन्य थानों से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों से विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मुद्दे सुने गए हैं। उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी उन्होंने दिया है।
वीआईटी कॉलेज में छात्रों के प्रदर्शन के मामले में जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कलेक्टर बालागुरु के, एसपी दीपक कुमार शुक्ला तथा कॉलेज प्रबंधन से जानकारी ली। मंत्री गौर ने शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के साथ ही छात्रों का मेडिकल टेस्ट कराने को कहा।
मंत्री ने कॉलेज प्रबंधन को विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए संस्थान में कुछ दिनों का अवकाश घोषित करने को भी कहा, ताकि छात्र आराम कर सकें और स्थिति सामान्य होने के साथ ही वापस लौटने पर सहज महसूस कर सकें।
मंत्री ने कहा कॉलेज के मेस एवं भोजन व्यवस्था का तत्काल परीक्षण कर उसे दुरुस्त किया जाए तथा भोजन की क्वालिटी तय की जाए। सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुधार कर सुचारु किया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों।

