कुशीनगर, 28 नवम्बर (आरएनएस)। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जनपद में बढ़ती ठंड, शीतलहर एवं पाला की संभावना को देखते हुए सभी विभागों को आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने तथा आमजन के बीच जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने कहा है कि जनपद, तहसील, ब्लॉक व ग्राम स्तर पर क्या करें, क्या न करें का प्रचार-प्रसार अनिवार्य रूप से करवाए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा आश्रय स्थलों, अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों, कम्बलों, हीटर और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने, राजस्व एवं राहत विभाग द्वारा अत्यधिक ठंड से प्रभावित कमजोर वर्गों हेतु राहत सामग्री तैयार रखे जाने, पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के लिए सुरक्षित शेड, चारा व साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने, कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसलों की सुरक्षा हेतु कृषि मौसम आधारित समय पर उपलब्ध कराये जाने, नगर निगम/निकाय द्वारा रैन बसेरों की समीक्षा कर कम्बल, गद्दे, तख्त, पिलो, साफ टॉइलट, अलाव और केयरटेकर सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने, विद्युत विभाग द्वारा रैन बसेरों में सुचारु विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने, अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग द्वारा हीटर, अंगीठी, कोयला आदि के उपयोग से आग की घटनाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने, जल विभाग द्वारा रैन बसेरों में स्वच्छ जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित रखे जाने का निर्देश दिया हैं। उन्होंने लोगों से अपील किया है कि शीतलहर आने से पहले रेडियो, टीवी, समाचार पत्रों से मौसम पूर्वानुमान देखते रहें। ऊनी वस्त्र, मफलर, दस्ताने एवं मोजे अवश्य रखें।।घर में आवश्यक वस्तुएँ सुरक्षित रखें। शीतलहर के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें तथा शरीर ढककर रखें। ढीले, ऊनी व विंडप्रूफ कपड़ों की परतें पहनें। सिर, कान, गर्दन, हाथ-पैर को अच्छी तरह ढकें। गर्म पेय का सेवन करें और शरीर को सूखा रखें। बंद कमरे में अंगीठी/कोयला न जलाएं। कार्बन मोनोऑक्साइड से जान का खतरा रहता है। कंपकंपी, सुन्नता, त्वचा के पीलापन पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों के लिए फसलों पर हल्की सिंचाई करें। स्प्रिंकलर का उपयोग करें। ठंड-प्रतिरोधी किस्मों व मल्चिंग का प्रयोग करें। युवा पौधों को पुआल/प्लास्टिक से ढकें। पशुओं को रात में ढके हुए शेड में रखें, गर्म बिछावन दें और ठंडा चारा न दें। उन्होंने परिवहन से संबंधित कोहरे और कम दृश्यता में वाहन धीमी गति से चलाने की सलाह दी है। साथ ही हेडलाइट, फॉग लाइट अनिवार्य रूप से चालू रखे।जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील किया है कि ठंड से बचाव हेतु जारी एडवाइजरी का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सूचित करें। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर की गई कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजें।
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