देहरादून 28 नवंबर (आरएनएस)। यूकेडी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट के निधन से मसूरी में भी शोक की लहर है। उनके निधन पर शहीद स्थल पर शोक सभा का आयोजन किया गया जिसमें लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार को शहीद स्थल पर कार्यक्रम संयोजक कमल भंडारी सहित बड़ी संख्या में विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों ने दिवाकर भट्ट के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कमल भंडारी ने कहा कि पहाड़ का एक हिमालय टूटा है, जिसका नाम दिवाकर भट्ट है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण में उनकी अहम भूमिका को हमेशा याद रखा जायेगा। उत्तराखंड में ऐसे वीर सपूत कम हुए हैं, जिनमें नागेद्र सकलानी, श्रीदेव सुमन, मोलू भरदारी जैसे नेता थे लेकिन उस समय हम पैदा नहीं हुए थे। राज्य के जनक इंद्रमणि बडोनी हो या अन्य लेकिन उनमें दिवाकर भट्ट एक मात्र ऐसे नेता थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन, परिवार तक दांव पर लगा दिया था। अचानक वह चले जायेंगे उम्मीद नहीं थी। उन्होंने खेद व्यक्त किया कि दिवाकर भट्ट के प्रति भाजपा सरकार का रूख ठीक नहीं था। जब भी कोई भाजपा का नेता बीमार होता है तो उन्हें बड़े अस्पतालों में भर्ती किया जाता है वहीं दिवाकर भट्ट को श्री महंत इंद्रेश अस्पताल में रखा गया। उन्होंने कहाकि उनके अंतिम संस्कार के बाद उनकी राख को लाया गया है व पूरे उत्तराखंड के हर जिलें में उनकी कलश यात्रा को ले जाया जायेगा। पूर्व पालिका अध्यक्ष ओपी उनियाल ने कहा कि दिवाकर भट्ट की मृत्यु पूरे उत्तराखंड की बड़ी क्षति है। इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष रजत अग्रवाल. कमल भंडारी, संजय टम्टा, श्रीपति कंडारी, सुनील उनियाल, कीर्ति कंडारी आदि मौजूद रहे।
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