वॉशिंगटन,29 नवंबर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया कि साउथ अफ्रीका को 2026 में जी20 समिट का न्योता नहीं मिलेगा जब अमेरिका इसकी मेजबानी करेगा. ट्रंप ने हाल ही में जोहान्सबर्ग में हुए जी20 समिट में अमेरिका के भाग न लेने का भी जिक्र किया.
एक्स पर एक पोस्ट में ट्रंप ने साउथ अफ्रीकी सरकार पर आरोप लगाया कि वह कुछ बसने वालों के खिलाफ कथित मानवाधिकार उल्लंघन को स्वीकार करने में नाकाम रही. उन्होंने लिखा, साफ शब्दों में कहें तो वे गोरे लोगों को मार रहे हैं और बेतरतीब ढंग से उनके खेत छीनने दे रहे हैं. इसके साथ ही कई अन्य देशों के नागरिक भी मानवाधिकार उल्लंघन का सामना कर रहे हैं.
पिछले वीकेंड जोहान्सबर्ग में हुए जी20 लीडर्स समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई नेताओं ने हिस्सा लिया. हालांकि अमेरिका इससे दूरी बनाए रखा और अपना कोई प्रतिनिधमंडल नहीं भेजने का फैसला किया. ट्रंप ने आगे दावा किया कि साउथ अफ्रीका ने समापन समारोह में शामिल हुए अमेरिकन एम्बेसी के प्रतिनिधिमंडल को जी20 प्रेसीडेंसी देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, इसलिए, मेरे कहने पर साउथ अफ्रीका को 2026 जी20 का निमंत्रण नहीं मिलेगा. इसका आयोजन अगले साल फ्लोरिडा के ग्रेट सिटी मियामी में किया जाएगा.
इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने इस कदम को अफसोसजनक बताया और कहा कि उनकी सरकार ने वाशिंगटन के साथ डिप्लोमैटिक संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है. जी20 के आमंत्रण पत्र के हैंडओवर की खबरों पर साउथ अफ्रीका की प्रेसीडेंसी ने साफ करते हुए कहा, क्योंकि अमेरिका शिखर सम्मेलन में मौजूद नहीं था इसलिए इसके आमंत्रण पत्र साउथ अफ्रीका के डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस एंड कोऑपरेशन के हेडक्वार्टर में अमेरिकी दूतावास के एक अधिकारी को सही तरीके से सौंप दिए गए थे.
ट्रंप ने साउथ अफ्रीका में गोरे माइनॉरिटी पर जुल्म के दावे बार-बार दोहराए. इसमें गोरे किसानों के नरसंहार के आरोप भी शामिल हैं. इन दावों को पहले साउथ अफ्रीकी सरकार और देश में गोरे कम्युनिटी के नेताओं ने खारिज कर दिया था.
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

