-मानवीय संवेदनाओं ने बनाया लोगों के दिलों का धनी
अयोध्या 30 नवंबर (आरएनएस ) जनपद के समाजसेवी अमरनाथ तिवारी ‘मानसÓ इन दिनों अपनी निस्वार्थ सेवाओं और मानवीय दृष्टिकोण के कारण क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं। जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता और पीडि़त परिवारों तक तत्काल पहुंचने की प्रवृत्ति ने उन्हें आम जनमानस के बीच विशेष पहचान दिलाई है। समाजसेवी मानस का स्पष्ट कहना है कि सेवा भाव ही जीवन की सच्ची साधना है। इसी सोच के साथ वे वर्षों से सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित हैं। खास बात यह है कि वे अपनी सहायता राशि का कभी प्रचार नहीं करते, जबकि उनकी उदारता के किस्से मदद पाने वाले परिवार स्वयं क्षेत्र में बताते हैं। बताते चलें कि धमथुआ गांव में बिजली करंट लगने से रामकेवल यादव की मौत के बाद परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। पांच बच्चों और पत्नी की दारुण स्थिति देख समाजसेवी मानस ने आर्थिक सहयोग देकर परिवार को मजबूती प्रदान की। रसूलपुर लिलहा गांव के योगेंद्र कोरी की दो माह पूर्व आकस्मिक मृत्यु के बाद परिवार भोजन तक के संकट से जूझ रहा था। सूचना मिलते ही मानस भैया ने विधवा पत्नी आशा को आर्थिक सहायता दी और आगे भी सहयोग देने का आश्वासन दिया। खेमापुर निवासी कृष्ण कुमार महरा की दुर्घटना में मौत के बाद समाजसेवी मानस ने उनके परिवार को आर्थिक मदद देने के साथ ही अंतिम संस्कार की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई। स्थानीय लोगों ने उनके इस कदम की सराहना की। ग्राम आदिलपुर पूरे सुकई में लगातार बारिश से ढहा मकान चार अनाथ भाइयों के लिए संकट बन गया था। खुले आसमान के नीचे रह रहे इन बच्चों की पीड़ा को समझते हुए मानस ने आर्थिक सहायता दी और सुरक्षित आवास की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया। लुधियाना में घायल होकर हुई अरविंद पाण्डेय की मृत्यु के बाद उनका परिवार तेरहवीं संस्कार कराने की स्थिति में भी नहीं था। मानस भैया ने स्वयं पहुंचकर आर्थिक सहयोग प्रदान किया, जिसके बाद परिवार अंतिम संस्कार कर सका। पीडि़त और उपेक्षित परिवारों की लगातार सहायता करने के चलते मानस भैया क्षेत्र में मानवता के मसीहा के रूप में उभर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना दिखावे के समाज सेवा करने वाले व्यक्तित्व आज बहुत कम मिलते हैं, मानस उन चुनिंदा लोगों में से एक हैं।
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