लखनऊ 30 नवंबर (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र के 154 प्रवक्ताओं, असिस्टेंट प्रोफेसरों, एसोसिएट प्रोफेसरों एवं सेवानिवृत्त कार्मिकों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना (ओल्ड पेंशन स्कीम) से आच्छादित किए जाने की सहर्ष स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्तावों और वित्त विभाग के शासनादेशों के परीक्षण के पश्चात उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुमोदन के बाद लिया गया।उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार शिक्षकों के हित, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि शिक्षक समाज की बौद्धिक आधारशिला हैं और उनके भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है, जिसे योगी सरकार निरंतर निभा रही है।इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी द्वारा जारी आदेश के अनुसार निदेशक, उच्च शिक्षा, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज को निर्देशित किया गया है कि आदेश निर्गत करने से पहले 154 शिक्षकों और कार्मिकों से संबंधित सभी अभिलेखों की सत्यता, प्रमाणिकता और वित्त विभाग के शासनादेशों के अनुरूप पुनर्परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद ही नियमानुसार अग्रेतर कार्यवाही की जाएगी।आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वित्त विभाग द्वारा जारी विभिन्न कार्यालय-ज्ञाप एवं स्पष्टीकरणों में वर्णित प्रावधानों के आलोक में सभी प्रकरणों का परीक्षण अनिवार्य होगा। साथ ही तदर्थ, संविदा, वर्क चार्ज, दैनिक वेतन, सीजनल सेवाओं तथा मृतक आश्रित के रूप में नियुक्त कार्मिकों पर यह शासनादेश लागू नहीं होगा।
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