लखनऊ 30 नवंबर (आरएनएस)। लखनऊ केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमती नगर, लखनऊ में उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्वाधान में आयोजित खादी महोत्सव-2025 का आज दसवें और अंतिम दिन सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल सागर रहे। उनके साथ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर, संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी सिद्धार्थ यादव और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि योगी सरकार खादी, ग्रामोद्योग और पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्ष महोत्सव में खादी संस्थाओं के 32, ग्रामोद्योग की 120 और माटी कला की 8 इकाइयों सहित कुल 160 उद्यमियों ने भाग लिया, जिन्होंने अपने परंपरागत कौशल, गुणवत्ता और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खादी और स्थानीय उत्पादों को आधुनिकता से जोड़ते हुए राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों में स्थापित करना है।समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को प्रमुख सचिव द्वारा प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। खादी श्रेणी में प्रथम पुरस्कार स्वराज्य आश्रम, कानपुर; द्वितीय पुरस्कार ग्राम सेवा संस्थान, फतेहपुर; तृतीय पुरस्कार भूरज सेवा संस्थान, हरदोई को दिया गया। ग्रामोद्योग श्रेणी में प्रथम पुरस्कार अब्बास अंसारी, मुजफ्फरनगर; द्वितीय पुरस्कार तहजीबुल हसन, बिजनौर; तृतीय पुरस्कार श्रीमती अंजली सिंह, जूट आर्टिजेन्स, लखनऊ को प्रदान किया गया। माटी कला श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रेम चन्द्र, बाराबंकी; द्वितीय पुरस्कार मतलूब, बुलन्दशहर; तथा तृतीय पुरस्कार शिव कुमार प्रजापति, बाराबंकी को दिया गया।अंतिम दिन और रविवार होने के कारण प्रदर्शनी स्थल पर भारी भीड़ उमड़ी। आगंतुकों ने खादी वस्त्र, ग्रामोद्योगी उत्पाद और माटी कला की वस्तुओं की खरीदारी की, जिससे उद्यमियों का उत्साह और बढ़ गया।मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिशिर ने आयोजन समिति, तकनीकी सहयोगियों, मीडिया प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों, सुरक्षा दल तथा बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के समर्पित प्रयासों और सजग प्रबंधन के कारण खादी महोत्सव-2025 को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया जा सका।इस अवसर पर विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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