प्रयागराज 1 दिसंबर (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता किशोर वाष्र्णेय ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल एवं सोनिया गांधी और सात अन्य के विरुद्ध दिल्ली पुलिस की इकोनामिक ऑफेंस विंग की एफआईआर पीएम मोदी एवं गृहमंत्री शाह के बदले की भावना के अलावा कुछ भी नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह ईडी की शिकायत पर आधारित है जिसका भाजपा के साथ गठबंधन है। बताया कि 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं ने घाटे में चल रहे नेशनल हेराल्ड अखबार को धोखाधड़ी और वित्तीय गड़बड़ी के जरिए हड़प लिया।? जब कि यह पूर्ण नान फरोवेटेबिल संस्था है, जिस पर जून 2022 में राहुल गांधी से 5 दिनों में 50 घंटे पूछताछ की गई और सोनिया गांधी से जुलाई 2022 में 12 घंटे सवाल किए गए। दोनों से मिलकर 100 से अधिक सवाल पूछे गए बावजूद इसके ईडी को कुछ भी हासिल नहीं हुआ। ईडी को इस वर्ष मार्च के अंत में उसे चार्ज शीट लगाना था जिसमें वह असफल रही । केस की सुनवाई दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में चल रही है। कोर्ट को यह तय करना है कि ईडी की चार्ज शीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं।
वाष्र्णेय ने कहा है 14 जुलाई को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। इसके बाद 29 जुलाई, 8 अगस्त और 29 नवंबर तक फैसला टाल दिया गया। वाष्र्णेय ने कहा यह मोदी और शाह की शरारतपूर्ण चाल के अलावा कुछ भी नहीं है।
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