इस्लामाबाद,02 दिसंबर। पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहों के बीच अशांति की आशंका को देखते पाकिस्तान सरकार अलर्ट हो गई है। पाकिस्तान तेहरीक-ए-इंसाफ के प्रदर्शन की धमकी के बाद राजधानी इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लागू की गई है। दोनों शहरों में सभी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों और रैलियों पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। शहर में भारी पुलिस बल तैनात है और मोटरसाइकिल पर 2 लोगों के बैठने पर रोक है।
डिप्टी कमिश्नर हसन वकार चीमा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 1 से 3 दिसंबर तक शहर में कोई सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और 5 से अधिक लोगों के इक_े होने पर प्रतिबंध है। प्रशासन ने लाउडस्पीकर बजाने, हथियार, लाठी, गुलेल, पेट्रोल बम, विस्फोटक सामग्री लाने और ले-जाने पर भी रोक लगाई है। साथ ही नफरती भाषण, पुलिस बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश करना और मोटरसाइकिल पर 2 लोगों के पीछे बैठने पर भी रोक है।
इस्लामाबाद और रावलपिंडी की जिला खुफिया समिति ने विशिष्ट खुफिया जानकारी में बताया है कि कुछ समूह और तत्व बड़ी सभाओं, विरोध-प्रदर्शनों और विघटनकारी सभाओं के जरिए हालात बिगाडऩे के इरादे से सक्रिय रूप से जुट रहे हैं। जानकारी दी गई है कि ये भीड़ कम सुरक्षा वाली जगहों, प्रमुख प्रतिष्ठानों और अन्य संवेदनशील स्थलों के पास हिंसक कार्रवाई कर सकते हैं, जो विध्वंसकारी साबित होगा। जिलों में सार्वजनिक शांति और सौहार्द को खतरा हो सकता है।
पाकिस्तान में पीटीआई समर्थकों का गुस्सा तब बढ़ गया है, जब पार्टी प्रमुख इमरान को कोर्ट के आदेश के बावजूद उनके परिवार और वकीलों से पिछले एक साल से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इमरान के साथ जेल में कुछ गलत होने की आशंका तब और बढ़ गई, जब उनके बेटे कासिम ने अपने पिता के जीवन का सबूत मांग लिया। कासिम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।
इमरान खान को 2023 में भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ जेल भेजा गया था। वे रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद हैं। उन्होंने अपने परिवार और वकीलों से पिछले साल नवंबर में मुलाकात की थी। तब से उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा है।
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