नईदिल्ली,06 दिसंबर। 2025 में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया और पूरे साल के दौरान कई बार नए ऑल-टाइम हाई दर्ज किए. हालांकि, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की गोल्ड आउटलुक 2026 रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगले साल सोने की कीमतों में तेज गिरावट की संभावना भी बनी हुई है.
रिपोर्ट के अनुसार यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अनुमान से मजबूत रहती है, निवेश और शेयर बाजार में तेजी आती है, और फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचा रखता है, तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है. इस स्थिति में डॉलर मजबूत रहेगा और निवेशक अधिक जोखिम वाली संपत्तियों की ओर रुख करेंगे. ऐसे परिदृश्य में डब्ल्यूजीसी का अनुमान है कि सोने की कीमतें 5 से 20 प्रतिशत तक गिर सकती हैं.
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ती है या फेड ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोना 5 से 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है. इसके अलावा, वैश्विक मंदी और भू-राजनीतिक तनाव की स्थिति में सोने की मांग तेज़ हो सकती है, जिससे कीमतें 15 से 30 प्रतिशत तक उछल सकती हैं.
रिपोर्ट में दो बड़े वाइल्डकार्ड फैक्टर्स का भी जिक्र है. पहला केंद्रीय बैंकों की खरीदारी. उभरती अर्थव्यवस्थाओं के पास विकसित देशों की तुलना में सोने के रिजर्व कम हैं. अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो इन देशों की खरीद और तेज़ हो सकती है, जो कीमतों को सपोर्ट देगी. दूसरा फैक्टर है रीसाइक्लिंग सप्लाई. यदि निवेशक पुराने सोने की बिक्री बढ़ा दें या रिटेल निवेशक पुराने सोने को बदलने पर ज्यादा ध्यान दें, तो यह कीमतों पर दबाव डाल सकता है.
2025 में सोने की रैली ने निवेशकों को उच्च रिटर्न दिया, लेकिन डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि 2026 में अमेरिकी आर्थिक नीति, ब्याज दरें, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं. निवेशकों को इस साल की तेज रफ्तार के बावजूद सतर्क रहने की आवश्यकता है.
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